
विश्व पर्यावरण दिवस पर पूर्णिया विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बोले कुलपति, कहा- पृथ्वी पर मौजूद संसाधनों के दोहन पर रोक लगाने की जरूरत
पूर्णिया। 05 मई। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई पूर्णिया विश्वविद्यालय,पूर्णिया के तत्वावधान में रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कुलपति प्रोफेसर आरएन यादव की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण की समस्या और चिंता विषय पर 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया जिसमें 119 देशों के राज्याध्यक्षों ने भागीदारी की थी। सम्मेलन में प्रत्येक वर्ष 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि 2022 में विश्व पर्यावरण दिवस की थीम है, ‘ एक पृथ्वी ‘। प्रकृति और जीवन को बचाकर शांति, सद्भाव, समृद्धि और स्वास्थ्य के अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में दुनिया की एकजुटता पर ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने कहा कि 5 जून को प्रतिवर्ष मनाया जानेवाला यह दिन पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवन में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर देता है। पिछले दो साल से महामारी का सामना कर रहे हैं। इसीलिए सुरक्षित, स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण की जरूरत है। ग्लोबल वार्मिंग एक बहुत बड़ा खतरा है। पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए जागरुकता फैलाने सुरक्षात्मक उपाय करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पहले हीं कई कदम ऊठा चुका है। विश्व पर्यावरण दिवस हमें पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करता है।
कुलपति ने कहा कि प्लास्टिक का प्रयोग बंद करें। समाज को स्वच्छ और स्वच्छता बनाए रखने की पहल करें। कचरा नदी और समुद्र में न फेंके। जितना हो सके पानी को बचाएं। लकड़ी और पेड़ के उपयोग को कम करके वन क्षेत्र को बढ़ाना चाहिए। जैव विविधता के नुकसान पर हमें सचेत रहना है। सबका अस्तित्व एक दुसरे से जुड़ा हुआ है। पृथ्वी का अस्तित्व जैव विविधता पर ही टिका हुआ है। पृथ्वी पर मौजूद संसाधनों के अन्यायपूर्ण दोहन पर रोक लगाने की जरूरत है।
मौके पर कुलसचिव डॉ घनश्याम राय,एन एस एस के समन्वयक डॉ आर डी पासवान,सांयस डीन प्रोफेसर अंजनी कुमार मिश्रा,उप कुलसचिव डॉ पटवारी यादव,सीसीडीसी प्रोफेसर सुमन, प्राक्टर,वित्त परामर्शी इन्द्र कुमार,एन एस एस के स्वयं सेवक आदि उपस्थित थे।



