
विजिलेंस ब्यूरो ने PACL केस में तीन भगौड़े आरोपितों को गुजरात से किया गिरफ्तार
चंडीगढ़- 23 अक्टूबर। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) ने गुजरात पुलिस के सहयोग से पर्ल्स ऐग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पी.ए.सी.एल.) केस में वांछित तीन भगौड़े आरोपितों को अहमदाबाद से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपितों की पहचान हरकीरत सिंह निवासी गांव शमशपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, प्रभजोत सिंह निवासी गांव गोनियाना कलां जिला बठिंडा और प्रदीप सिंह निवासी गांव जलवेड़ा जिला फतेहगढ़ साहिब के रूप में हुई है।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपित थाना शहरी जीरा, जिला फिरोजपुर में दर्ज केस में वांछित थे। इस केस में उक्त आरोपितों पर गांव घोलूमाजरा, जिला एस.ए.एस. नगर में पी.ए.सी.एल. की तरफ अलग संपत्तियों का गैर-कानूनी तौर पर तबादला-ए-मलकीयत करने का दोष है। इनको इस बात का पूरा इल्म था कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पी.ए.सी.एल. को किसी भी ऐसी सम्पत्ति को बेचने/तबादला-ए-मलकीयत करने पर रोक लगाई हुई है, जिसमें पी.ए.सी.एल. का किसी भी रूप में, कोई अधिकार या हित बनता है, परन्तु बावजूद इसके इन्होंने सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त/तबादला-ए-मलकीयत का कार्य जारी रखा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जस्टिस (सेवानिवृत्त) आर.एम. लोढा समिति का गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत यह स्पष्ट हिदायत थी कि पी.ए.सी.एल. लिमिटेड की सम्पत्तियों को बेचने के बाद हुई बिक्री का प्रयोग, दोषी कंपनी द्वारा शुरू की गई सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) में अपनी मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों को उनकी बनती राशि वापिस करने के लिए किया जाये।
प्रवक्ता ने बताया कि उक्त तीनों मुलजिमों का राहदारी रिमांड ले लिया गया है और उनको पंजाब की सम्बन्धित अदालत में पेश किया जायेगा। इस केस में आगे की जांच जारी है। इस सम्बन्ध में ब्यूरो द्वारा पहले ही पीएसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, ग़ैर-कानूनी रूप से नियुक्त किये गए डायरेक्टरों में से एक धरमिन्दर सिंह संधू और पीएसीएल के ग़ैर-कानूनी डायरेक्टरों की नियुक्ति से सम्बन्धित दस्तावेजों की पुष्टि करने वाले सी.ए. जसविन्दर सिंह डांग को इसी केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।



