
रूस मध्य-पूर्व देशों के 16 हजार लड़ाके भेजेगा यूक्रेन
मास्को- 11 मार्च। यूक्रेन की राजधानी कीव से कुछ दूर रूस की सेना की मदद अब मध्य-पूर्व देशों के लड़ाके करेंगे। रूस इन देशों के 16,000 लड़ाकों को यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए भेजेगा। यह लड़ाके रूस के जवानों को सुरक्षा कवच भी प्रदान करेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले की जानकारी देते हुए रक्षामंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि पुतिन ने यूक्रेन की लड़ाई में शामिल होने के लिये मध्य-पूर्व और अन्य देशों के स्वयंसेवी लड़ाके भेजने का आदेश दिया है। अब रूस मध्य-पूर्व के देशों के 16 हजार से अधिक लड़ाकों को भर्ती करेगा। इन लड़ाकों ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जंग में रूस की मदद की थी।
रूस की इस घोषणा पर यूक्रेन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति जेलेंस्की के कार्यालय के प्रमुख मिखाइल पोडोलीक ने कहा कि रूस ने हमारे नागरिकों के खिलाफ हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 16 हजार पूर्व आईएसआईएस लड़ाकों की भर्ती की घोषणा जल्दीबाजी में की है। रूस का यह फैसला चिंताजनक है।
रूस के रक्षा मंत्री शोइगू ने साफ किया है कि यह लड़ाके पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादियों के क्षेत्रों में लड़ेंगे। व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि कीव शासन के पश्चिमी प्रायोजक (अमेरिका और नाटो देश) सक्रिय रूप से भाड़े के सैनिकों को इकट्ठा कर अंतरराष्ट्रीय कानून की उपेक्षा कर रहे हैं।



