
राहुल ने घरेलू मोर्चे पर बेरोजगारी और सीमा पर चीन-पाकिस्तान के खतरे को लेकर मोदी सरकार को घेरा
नई दिल्ली- 02 फरवरी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में बेरोजगारी, देश में गरीबों और अमीरों के बीच बढ़ती खाई तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की कमजोरी को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। साथ ही विदेश नीति के मोर्चे पर सरकार पर घोर असफलता का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विदेश नीति और देश की सुरक्षा के मामले में मोदी सरकार ने बहुत बड़ी भूल की है तथा देश को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ चीन का स्पष्ट मंसूबा है। चीन ने अपने इस मंसूबे को डोकलाम और लद्दाख में अमलीजामा पहनाने की कोशिश की है। इसके विपरीत भारत की विदेश और रक्षा नीति की दिशा स्पष्ट नहीं है तथा सरकार ने बहुत बड़ी रणनीतिक भूल की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार की रणनीतिक भूल के कारण चीन और पाकिस्तान एक साथ आ गए हैं। यह देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
केंद्र और राज्यों के संबंधों की चर्चा करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि भारत राज्यों का एक संघ है जिसमें साझेदारी की भावना है। दूसरी ओर मोदी सरकार राजशाही की तरह आचरण कर रही है तथा देश को डंडे से हाकना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के समय राजशाही का खात्मा कर दिया था लेकिन आज वह वापस लौट रही है। देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं। देश के किसानों की आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है तथा राजा उनकी बात अनसुनी कर रहा है।
राहुल ने चेतावनी दी कि मोदी सरकार की नीतियां देश के लिए बड़ा खतरा है। भारत की पहचान और उसकी विचारधारा के लिए देशवासियों ने बहुत कुर्बानी दी है। इसमें उनके अपने परिवार का भी योगदान है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश में न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं में संघवाद की अवहेलना हो रही है तथा पेगासस जैसी प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग हो रहा है।
देश में बेरोजगारी की चर्चा करते हुए राहुल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 27 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से बाहर निकाला था, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया गया है। देश के 84 प्रतिशत लोगों की आमदनी में कमी हुई है। उन्होंने कहा कि केवल पिछले एक वर्ष में तीन करोड़ युवा बेरोजगारी का शिकार बने। देश में बेरोजगारी पिछले 50 वर्षों के दौरान सबसे अधिक है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर एक के बाद एक कई हमले किये। उन्होंने कहा कि दो हिन्दुस्तान बन रहे हैं। एक अमीरों का हिन्दुस्तान और दूसरा गरीबों का हिन्दुस्तान। इन दो हिन्दुस्तानों के बीच खाई बढ़ती जा रही है। गरीब हिन्दुस्तान के पास आज रोजगार नहीं है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी के बारे में एक शब्द नहीं था। उन्होंने बेरोजगारी, छोटे उद्योगों का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आज मेड इन इंडिया की बात हो रही है। मेड इन इंडिया हो ही नहीं सकता, क्योंकि मेड इन इंडिया असल में छोटे और मध्यम उद्योग हैं। उनको सरकार ने खत्म कर दिया है। सरकार ने असंगठित सेक्टर को खत्म कर दिया। अगर सरकार उनकी मदद करती तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तैयार हो सकता था। जो लोग देश का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना सकते थे,उनको सरकार ने खत्म कर दिया।
राहुल ने कहा कि आज हिन्दुस्तान के 100 सबसे अमीर लोगों के पास देश के 55 करोड़ लोगों से ज्यादा जायदाद है और यह मौजूदा सरकार ने किया है।
कांग्रेस नेता ने गृह मंत्री अमित शाह पर मणिपुर के एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को अपमानित करने का आरोप भी लगाया। राहुल ने कहा कि मणिपुर के नेता शाह से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे तो उन्हें अपने जूते बाहर उतारने के लिए कहा गया, जबकि गृहमंत्री स्वयं जूते पहने हुए थे लोगों के साथ व्यवहार करने का यह उचित तरीका नहीं है। राहुल ने इस संबंध में गृह मंत्री से क्षमा याचना की मांग की।
इससे पहले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हरीश द्विवेदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए विपक्ष को जमकर कोसा।
द्विवेदी ने कहा कि पहले जो लोग हिन्दू कहने से कतराते थे, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद अब मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं। खुद को हिन्दू बताने लगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग घर में भी छुप कर पूजा करते थे, वे अब मंदिर में पूजा करने की फोटो साझा कर रहे हैं। द्विवेदी का इशारा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर था।



