
राज्यसभा चुनावः हरियाणा में बढ़ गया विधायकों के वोट का महत्व
चंडीगढ़- 31 मई। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान अब एक-एक विधायक के वोट का महत्व बढ़ गया है। इस समय कुल 90 विधायक हैं। चुनाव जीतने के लिए एक प्रत्याशी को 31 विधायकों की जरूरत है।
ऐसी स्थिति में अगर कांग्रेस के एक उम्मीदवार ने भी क्रॉस वोटिंग की या तीन विधायक गैर हाजिर हो गए या तीन वोट अवैध हो गए तो निर्दलीय प्रत्याशी बड़ी आसानी से चुनाव जीत जाएगा। कृष्ण लाल पंवार के चुनाव जीतते ही 31 वोट के बाद भाजपा के पास नौ और विधायकों के वोट बच जाएंगे। पंवार के वोट की दूसरी वरीयता भी कार्तिकेय को मिल सकती है। विधानसभा में भाजपा के 40 विधायक तो कांग्रेस के 31 विधायक हैं। जननायक जनता पार्टी के 10 विधायक हैंं। सात निर्दलीय विधायक हैं तो इनेलो का एक विधायक और एक हलोपा का विधायक है। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं।
महम के विधायक बलराज कुंडू ने खुद को निर्दलीय विधायकों से अलग कर लिया है। बलराज कुंडू ने शुरू में सरकार को समर्थन दिया था लेकिन बाद में उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से समर्थन वापस ले लिया। राज्यसभा चुनाव को लेकर कुंडू ने कहा कि अभी उन्होंने किसी को समर्थन नहीं दिया है। चुनाव में अभी कई दिन हैं। सोच समझकर जनभावनाओं के अनुसार फैसला किया जाएगा।



