
मैं ब्राह्मण नहीं,बल्कि ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं: मांझी
पटना- 22 दिसंबर। ब्राह्मण समाज और अन्य जातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद उसका विरोध होते देख पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अब लगातार सफाई देने में लगे है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आज फिर से बयान जारी कर ब्राह्मण समाज को गाली दिए जाने के बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने किसी के मन को आहत नहीं पहुंचाया है। हमने उस व्यवस्था के बारे में चर्चा की है जो पहले हुआ करता था।
मांझी ने एक बार फिर से ब्राह्मण पर टिप्पणी देते हुए कहा कि मैं ब्राह्मण नहीं बल्कि ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं और आगे भी रहूंगा। मैं सनातन धर्म को मानता हूं। मैं ब्राह्मण वाद का विरोध करता हूं चाहे मेरी जान ही क्यों ना चली जाए। मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं अपने समाज के लोगों को बताऊंगा कि ऐसे ब्राह्मण वाद से डरने की जरूरत नहीं है।
जीतन राम मांझी का कहना है कि हमने अपने बयान में कहा था कि उन लोगों से पूजा नहीं कराएं जो लोग दलितों के घर खाना नहीं खाते हैं। मांझी ने ब्राह्मणों के बीच अंतर को समझाते हुए कहा कि मैंने ब्राह्मण समाज को कुछ बुरा नहीं कहा, बावजूद इसके मैंने माफी मांगी है लेकिन अब जो ब्राह्मण समाज के लोगों के मन में इतना उबाल है, उन सबको मैं चेतावनी देता हूं मैंने दो बार माफी मांगा है लेकिन जो ब्राह्मण समाज के लोग हैं।
मांझी ने कहा कि अब मैं उनको कहता हूं कि मैंने उनको हरामी कहा है जो दारु शराब पीते है, मांस मछली खाते है पढ़ने लिखने नहीं आता है । उनको मैं फिर से कह रहा हूं कि एक बार नहीं सैकड़ों बार उनको हरामी कहूंगा, जो अनेक कुकर्म करेगा उसको हम हरामी ही कहेंगे। उसे हम ब्राह्मण नहीं कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग मेरी जीभ काटने की बात कह रहे है उनको मैं यही कहूंगा कि इस मुद्दे पर हमारे समाज के लोग देखेंगे। मैं कुछ नहीं कहूंगा कोई मेरा जीव काटे मैं देखता रहूंगा। मैं डरने वाला नहीं हूं।



