
मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
नई दिल्ली- 31 दिसंबर। देशभर में मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद और मौलाना महमूद मदनी ने दायर की है।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील एमआर शमशाद ने कहा है कि मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ भाषणों की वजह से कई लोगों की जान गई है। भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। याचिका में उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से यति नरसिंहानंद सरस्वती के बयन के खिलाफ किए गए प्रदर्शन में शामिल 100 से ज्यादा मुस्लिमों की गिरफ्तारी का जिक्र किया गया है। याचिका में हाल में हरिद्वार के धर्म संसद में किए गए भड़काऊ भाषणों के खिलाफ 76 वकीलों की ओर से चीफ जस्टिस को लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया गया है। याचिका में कहा गया है कि भड़काऊ भाषण देनेवालों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि मूकदर्शक बनी रही।
याचिका में मांग की गई है कि पैगंबर मोहम्मद पर घृणास्पद बयान पर राज्यों द्वारा की गई कार्रवाई पर केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी जाए। याचिका में कहा गया है कि तहसीन पूनावाला के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनुपालन रिपोर्ट मांगी जाए। याचिका में मांग की गई है कि देश भर में हेट क्राइम से जुड़ी शिकायतों की निगरानी के लिए स्वतंत्र कमेटी का गठन किया जाए। इन मामलों की कोर्ट की निगरानी में जांच की जाए।



