
भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद मगध विश्वविद्यालय के कुलपति का इस्तीफा
पटना- 29 मई। मगध विश्वविद्यालय (एमयू) में कॉपी घोटाले सहित कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने आखिकार पद से अपना इस्तीफा दे दिया। कुलपति ने अपना इस्तीफा राज्यपाल फागू चौहान को भेज दिया है। राज्यपाल ने शनिवार को तत्काल उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया।
इस संबंध में राजभवन सचिवालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान ने मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद का त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
मगध विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने अपने उपर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद इससे बचने के लाख उपाय किये लेकिन इससे बच नहीं पाये। जांच शुरू होते ही नवंबर 2021 से वे स्वास्थ्य कारण बता अवकाश पर चले गए। अवकाश पर लौटने के बाद उनसे ईओयू ने अवैध संपत्ति अर्जित करने को लेकर कई बार पूछताछ की थी। भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद कुलपति राजेंद्र प्रसाद के कई ठिकानों पर सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक साथ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में करोड़ रुपये नकद मिले थे। इस मामले में पटना हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका कर दी। अंतत: कुलपति को अपना इस्तीफा सौंपना ही पड़ा।



