
भारत-नेपाल सीमा खुलने की मांग को लेकर प्रदर्शन
मधुबनी-26 दिसबंर। खुटौना प्रखंड के सीमावर्ती लौकहा बॉर्डर होकर अभी भी चार चक्का वाहनों का आवागमन बंद होने से लोगों को भारी परेशानी है। इसके खिलाफ गत 16 दिसंबर को लौकहा एवं आसपास के ग्रामीणों ने कस्टम्स चेक पोस्ट के निकट धरना-प्रदर्शन किया था। उन्होंने गाड़ियों के आवागमन को पहले ही की तरह चालू किये जाने की मांग की थी।
इस संबंध में लौकहा चैम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से स्थानीय एसएसबी अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया गया था। इसके बाद यहां सिर्फ साइकिलों और बाइकों के आवागमन की अनुमति दी गई। अभी भी चार चक्का गाड़ियों के आवागमन पर रोक है। इस रोक के कारण लौकहा और समूचे प्रखंड के लोगों को नाराजगी है। इसी प्रकार लौकहा से पूरब अरनामा एसएसबी कैम्प के सामने से होकर बलुआ बॉर्डर पर भी रोक लगाई गई थी। वह रीक अभी भी बरकरार है। वहां के माकपा कार्यकर्ता अमरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि बॉर्डर होकर साइकिल और पैदल भी आने-जाने की इजाजत नहीं है। मुखियापति योगेन्द्र प्रसाद साह ने बताया कि दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। इसलिए यह प्रतिबंध अमानवीय है। संतोष पोद्दार,जगदीश पंडित, इन्द्रमोहन और धर्मेन्द्र सहित व्यापारी संघ के अन्य व्यापारियों ने बॉर्डर पर प्रदर्शन किया और बॉर्डर खोलने की मांग की।



