बिहार

बैंक सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख वाहक, संवेदनशील प्रयास जरूरी: विजय चौधरी

पटना- 28 सितम्बर। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 82वीं बैठक के अध्यक्षीय संबोधन में वित्त,वाणिज्य-कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को यहां कहा कि बैंक सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण वाहक है। संवेदनशील प्रयास जरूरी है।

चौधरी ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक विभिन्न विभागों की महत्वाकांक्षी योजनाओं एवं बैंकिंग गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा का प्रभावकारी मंच है। बिहार सरकार समाज में प्रभावकारी बदलाव लाने के लिए संवेदनशील प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में वार्षिक साख योजना एवं साख-जमा अनुपात में बेहतर काम हुए हैं,जो संतोषजनक है परंतु हमें इससे प्रेरणा लेकर अभी और अधिक दूरी तय करनी है।

विजय चौधरी ने कहा कि बिहार की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति पर गौर करते हुए एनपीए को कैसे रोका जाए, इसके गहन अध्ययन की जरूरत है। समीक्षा में पाया गया है कि कृषि के क्षेत्र में सबसे अधिक एनपीए के मामले प्रतिवेदित हुए हैं। परंतु हमें इसे सूक्ष्मता से देखने की जरूरत है। कृषि के किस सेक्टर में बैंकों ने ऋण दिए,ऋण के लिए परियोजना आवेदन कब प्राप्त हुए, उसकी स्वीकृति कब मिली ?

उन्होंने कहा कि एमएसएमई,किसान क्रेडिट कार्ड या बड़े उद्योग में एडवांस देने का मामला भी तकनीकी रूप से देखने की जरूरत है। हम चाहते हैं कि बैंकों की सर्विस प्रभावकारी रूप से चले। उन्होंने कहा कि बैंकों को जहां भी सरकार की मदद की जरूरत हो,बिहार सरकार आगे बढ़कर मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि नवीन अवसरों के मद्देनजर एमएसएमई क्षेत्र में एसीपी लक्ष्य को चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में दोगुना कर 70 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में एमएसएमई क्षेत्र में 17019 करोड़ रुपये का साख वितरित किया गया है। यह वार्षिक लक्ष्य का 24.31 प्रतिशत है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य के बैंकों को वार्षिक साख योजना के लिए 2,04,145 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य के विरुद्ध 52,548 करोड रुपये का साख बैंकों द्वारा वितरित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 25.74 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्य का साख-जमा अनुपात जून 2022 के अंत में 52.83 प्रतिशत रहा है। साख-अनुपात में पिछले वर्षों में लगातार वृद्धि हुई है।

उन्होंने बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि इसे राष्ट्रीय औसत (लगभग 75 प्रतिशत) तक ले जाने का सतत प्रयास सुनिश्चित हो। बैंकों के द्वारा ऋण आवेदन की प्रक्रिया को यथासंभव ऑनलाइन किया जाए। चौधरी ने कहा कि आज की बैठक में सभी बैंकों ने आने वाले दिनों में इस सहयोग और परफारमेंस को और अधिक बढ़ाने का आश्वासन दिया है। मुझे उम्मीद है कि बैंकों का सहयोग बढ़ेगा,जिससे सरकार की योजनाएं अच्छे तरीके से क्रियान्वित होंगी एवं उसी से बिहार के विकास को बल मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि आज की बैठक में प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति एवं जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की नियमित बैठकों को आयोजित करने,पूर्व बैठक के निर्णय पर की गई कार्यवाही,वार्षिक साख योजना,साख-जमा अनुपात, एन.पी.ए. के मामले,एम.एस.एम.ई,पी.एम.ई.जी.पी., किसान क्रेडिट कार्ड, पंचायतों में बैंक की शाखा खोलने इत्यादि अन्य विषयों पर गहन समीक्षा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।

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