
बिहार में फर्जी मदरसा चलाने का बेताज बादशाह रेयाज-ए-सादिक!
पटना- 02 अक्टूबर। बिहार में अल्पसंख्यकों के शिक्षा के नाम पर हमेशा खिलवाड़ होता रहा है, वह चाहे एनडीए सरकार रही हो या फिर महागठबंधन की सरकार। इन सरकारों ने अल्पसंख्यकों के शिक्षा के नाम पर बड़े-बड़े विज्ञापन अखबारों में देकर खुद की वाहवाही करती रही है। परंतु मुस्लिम समुदाय के शिक्षा की जमीनी हकीकत से कभी भी वाकिफ़ नही हुई। जिसका आलम यह रहा है कि
बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड के अधीन नये मदरसों के नाम पर सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग मदरसों में बहाली के नाम पर गरीब शिक्षित बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम लेकर वर्षों से बहाली का भरोसा दे रहे हैं और वे लोग उक्त रकम से खुद अपना-अपना आलीशान घर बनाकर शानो-शौकत से रहे हैं।

वहीं अपने बच्चों को बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों पढ़ा रहे हैं,तो कुछ लोग उसी रकम से बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान चला रहे हैं। उनमें सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा रेयाज-ए-सादिक नाम का व्यक्ति है। जो दरभंगा जिला के केवटी प्रखंड क्षेत्र के सादिकपुर गांव का निवासी है। इसके फर्जीवाड़े का आलम यह है कि मधुबनी एवं दरभंगा जिलों में दर्जनों मदरसों का फर्जी तरीके से ट्रस्ट बनाकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से करीब 12 से 16 मदरसों की रिपोर्ट बिहार मदरसा बोर्ड एवं सरकार को भेजाकर गरीब शिक्षित बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम ले चुका है। तथा उक्त व्यक्ति किसी मदरसा में अध्यक्ष बना है, तो किसी मदरसा में सचिव बना है और किसी मदरसा में खुद शिक्षक बना हुआ है।

जबकि जमीनी हकीकत यह है कि इन मदरसों के पास न तो खुद का मकान है और न सही तौर पर जमीन है। अगर जमीन है, तो वह खेतीहर जमीन है। उक्त व्यक्ति रेयाज-ए-सादिक अपने शातिर दिमाग से न सिर्फ शिक्षित बेरोजगार युवाओं से बहाली के नाम पर मोटी रकम लेकर वर्षों से आश्वासन देकर उन्हें दौरा रहा है, बल्कि उन युवाओं की मोटी रकम से अपने गांव सादिकपुर में बड़े स्कूल का निर्माण कर मालामाल हो रहा है। सूत्रों की मानें, तो यह व्यक्ति इतना शातिर है कि भारत सरकार एवं बिहार सरकार के वर्तमान मंत्रियों एवं पूर्व मंत्रियों के अलावा सांसदों एवं विधायकों के साथ फोट खिचवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर शिक्षित बेरोजगारों को बोलता है कि मंत्रियों से बात हो रही है, जल्द बहाली हो जाएगी।

हाल ही में नयी बिहार सरकार वजूद में आयी और उक्त सरकार के शिक्षा मंत्री के साथ फोटो खचाकड़ सोशल मीडिया पर वायरल कर खुद को शिक्षा मंत्री से बहाली के संबंध में बातचीत होने की बात शिक्षित बेरोजगार युवाओं को बता रहा है। इस शातिर रेयाज-ए-सादिक का मधुबनी एवं दरभंगा में फर्जी मदरसा का बड़ा जाल बिछाए हुआ है। जिसमें जिला शिक्षा विभाग मधुबनी एवं जिला शिक्षा विभाग दरभंगा के अधिकारी एवं कर्मी संलिप्त हैं। अगर सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराती है तो कई सफेदपोश अधिकारी एवं नेता बेनकाब होंगे।
इसी तरह का काम मधुबनी, सीतामढ़ी एवं दरभंगा में कुछ और व्यक्ति कर रहे हैं, उसका भी जल्द खुलासा किया जाएगा। जिसके खुलासे को लेकर लक्ष्य तक की टीम जुटी हुई है, और जल्द वैसे व्यक्ति का भी खुलासा किया जाएगा।



