
बिहार में आगजनी और हिंसा की घटनाओं के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराना अनुचित: JDU
पटना- 19 जून। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य नेताओं द्वारा अग्निपथ के विरुद्ध चल रहे आन्दोलन के क्रम में बिहार सरकार के विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की ऊपर से नीचे तक की पूरी मशीनरी हर संभव प्रयास कर रही है कि युवकों को हिंसात्मक घटनाओं से रोका जाए फिर भी अगर कहीं कुछ लोगों ने उपद्रव किए हैं तो उनके विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई भी हो रही है। प्रदेश भर में शनिवार तक 138 से अधिक प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं एवं 700 से अधिक लोग गिरफ्तार किये गए हैं।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने रविवार हो यहां कहा कि प्रशासन में कमी बताना एवं भाजपा को टारगेट किए जाने का आरोप निराधार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में ना किसी को फंसाया जाता है और ना ही किसी को बचाया जाता है। विगत लगभग 17 वर्षों से प्रदेश सरकार इसी नीति पर चल रही है। यहां किसी को भी कोई साजिश रचने की गुंजाइश नहीं है। अगर कोई गड़बड़ करेगा तो प्रशासन अपना काम करने में चुकेगा नहीं।
उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों एवं युवकों में जो कुछ नाराजगी है, उसका समाधान केंद्र सरकार को ही करना है। रही बात युवकों के हिंसक रुख अख्तियार करने की तो यह कतई उचित नहीं है लेकिन इसके लिए बिहार के प्रशासन को दोषी ठहराना भी कहीं से जायज नहीं है। हिंसात्मक व आगजनी की घटनाएं हरियाणा सहित अन्य भाजपा शासित प्रदेशों में भी हुई है। वहां के प्रशासन में कोई कमी है, ऐसा क्यों कहा जाए? कोई भी सरकार या शासन-प्रशासन अपने यहां हंगामा या हिंसा को रोकने के लिए हर संभव प्रयास लोकतांत्रिक ढंग से करती है। उसी के तहत पूरा प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।



