
बिहार में अंतिम चरण का पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न,महिला मतदाताओं में दिखा उत्साह
पटना-12 दिसंबर। बिहार में अंतिम चरण का पंचायत चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। पुरे ग्यारह चरण में हुए पंचायत चुनाव को प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा लिया। पंचायत चुनाव में वोट डालने में पूरुष मतदाताओं से महिला मतदाता आगे रहीं।
बिहार प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के अनुसार हर जिलों में महिला मतदाताओं ने वोट डालने में पूरुष मतदाताओं से आगे ही नहीं,बल्कि महिलाऐं पंचायत सरकार बनाने के प्रति काफी उत्साहित देखी गयीं।

मधुबनी जिले में अंतिम चरण का चुनाव जयनगर प्रखंड के सभी 15 पंचायत एवं बिस्फी प्रखंड के सभी 28 पंचायतों में हुआ। मतदान में महिला मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस चुनाव में खास बात यह रहा कि पहली बार मतदान करने आए युवा वोटर सुबह-सुबह कतार में लग गए। तथा पहली बार वोट डालने को लेकर उनके चेहरे पर काफी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान कई जहगों के मतदान केन्द्र पर मतदाताओं ने बदलाव को लेकर वोट डाले जाने की बात कही। तो वहीं कई मतदान केन्द्र पर मतदान कर लौट मतदाताओं ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए मतदान करने की बात कही। हालांकि पूर्व निर्धारित समय पर सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान शुरू हो गया था।
मधुबनी के बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के उच्च विद्यालय शिवौल में बने कंट्रोल रूम में मोबाइल की घंटियां बजती रही। बिस्फी प्रखंड के परसौनी पंचायत के नवटोली गांव स्थित मतदान केंद्र संख्या-251 पर साढ़े तीन बजे अपराह्न में ही भारी संख्या में मतदाताओ को मतदान करने से रोके जाने की भी शिकायत मिली। वहीं तीसी नरसाम उतरी पंचायत के मतदान केंद्र संख्या-193 एवं 195 पर बोगस पोलिंग की शिकायत की गयी।
मधुबनी जिला पंचायत निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अमित कुमार ने बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के आदर्श मतदान केन्द्र विद्यापति स्मारक भवन एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय धजवा सहित कई मतदान केन्द्रों का जायजा लिया। तथा मतदान केन्द्रों पर उपस्थित मतदान कर्मियों को कई दिशा निर्देश दिए।

वहीं मधुबनी जिले जयनगर प्रखंड क्षेत्र के सभी 15 पंचायत में शांतिपूर्ण मतदान कराने को लेकर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को सीलकर एसएसबी की तैनाती की गई थी। जयनगर के विभिन्न मतदान केंद्रों पर सुबह दस बजे तक मतदाताओं की लंबी कतार देखने को मिला। जिसमें महिलाओं की संख्या काफी थी। तथा महिला मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग बढ़-चढ़कर किया।



