
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मांगने की बात पॉलिटिकल स्टंट: ऋतुराज सिन्हा
आरा-28 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने बिहार के सम्पूर्ण और सर्वांगीण विकास एवं आत्मनिर्भर बिहार बनाने की परिकल्पना को साकार करने के लिए बिहार में मौजूद कृषि,पर्यटन, आईटी,शिक्षा और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में काम करने की आवश्यक पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास की अपार संभावनाएं मौजूद है और दृढ़ इच्छा शक्ति और मजबूत इरादों के दम पर भाजपा और राजग की सरकार इसे पूरा करने में लगी हुई है।उन्होंने कहा कि बिहार की मिट्टी उर्वरा से भरी पड़ी है और ऐसी उपजाऊ धरती से कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है।
राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मांगने की बात पॉलिटिकल स्टंट है।यह बात 2007 से उठाई जा रही है लेकिन इस मांग का कोई तर्कसंगत आधार नही है।1969 में विशेष राज्य के दर्जे के लिए की गई व्यवस्था में राज्यों के चयन के लिए कई मापदंड निर्धारित किये गए हैं।देश के कुछ राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था जिसमे नॉर्थ ईस्ट के आधा दर्जन से अधिक राज्यों के साथ ही जम्मू कश्मीर,उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश शामिल थे।बिहार विशेष राज्य के दर्जे के मापदंडों को पूरा नही करता है।
उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं को स्वरोजगार और उद्योग लगाने के लिए 1600 करोड़ रुपये की योजना लागू की गई है और हजारों हजार युवाओं को 10-10 लाख रुपये ग्रांट के तौर पर दिए गए हैं।बिहार की आत्मनिर्भरता में उद्योग मंत्री की यह पहल मिल का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ऐसी अन्य योजनाओं को लाये तो बिहार के विकास और आत्मनिर्भर बिहार बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान को तेज गति मिलेगी। राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कृषि और डेयरी,फिसरिज,आईटी,पर्यटन,शिक्षा और बिहार में मौजूद संसाधनों और संभावनाओं पर काम करके बिहार को आत्मनिर्भर राज्य बनाने का आह्वान किया है।



