
बिहार के किशनगंज में बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या
किशनगंज- 16 अप्रैल। जिले में अप्रैल माह में अब तक चार व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें से एक ने संक्रमण पर विजय पा ली है। वहीं तीन व्यक्ति अभी भी संक्रमित हैं। विदित हो कि दो अप्रैल को पहला कोरोना संक्रमित मरीज पाया गया था लेकिन इसके बाद 01 से 04 तक केस का आंकड़ा पहुंचने की वजह से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। राहत की बात यह है कि सभी संक्रमितों में बहुत मामूली लक्षण हैं।
रविवार को सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति पर लागातार निगरानी रखी जा रही है। आगामी पांच दिनों के बाद सभी की फिर से कोरोना जांच की जायेगी। तब तक सभी लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन को कहा गया है।
सिविल सर्जन ने बताया कि एक दो संक्रमितों के बढ़ने से यह नहीं माना जा सकता कि कोरोना फिर लौट रहा है। लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए इसकी रोकथाम की तैयारियां की जा रही है। अस्पतालों में बुखार व सांस के मरीज की अनिवार्य रूप से कोविड जांच कराई जा रही है। ताकि बाहर से आने वालों की भी जांच की जा सके। वैक्सीनेशन की वजह से संक्रमितों में बहुत मामूली लक्षण हैं। उसका इलाज घर पर ही चल रहा है। विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
डीएम श्रीकांत शास्त्री के दिशा निर्देश में सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्वास्थ्य केन्द्रों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया एवं निर्देश दिया है कि जो दवाएं या जरूरी सामान न हो, वे मंगा लिए जाएं। इलाज में उपयोग होने वाले उपकरणों की जांच कर ली जाए। वहीं स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेंड कर तैयार किया जाए। साथ ही सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल्स को निर्देश दिया गया है कि वे वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की नए सिरे से जांच कर लें। कोई कमी हो तो उसे दुरुस्त कर लिया जाए। दूसरे राज्यों या विदेश से आने वालों की कोरोना जांच जरूर कराई जाए। क्षेत्र में प्रवेश कर रहे लोगों की रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से कोरोना की जाँच करने को अनिवार्य कहा गया है।
क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं जैसे आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को रैपिड एंटीजन टेस्ट करने के लिए प्रशिक्षित करने की सलाह दी गयी है। साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संक्रमित व्यक्तियों पर निगरानी रखने के लिए सभी को ऑक्सीमीटर प्रदान करने की भी बात कही गयी है। इसके लिए जाँच या निगरानी में जुटे सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एक प्रमाणित एन95 मास्क देने की सलाह दी गयी है।
जिले में 1500 से अधिक लोगों की प्रतिदिन जांच हो रही है। जिले में कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंटलाइन वर्कर एवं 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगातार प्रीकॉशनरी डोज दी जा रही है। अब तक करीब 03 लाख 14 हजार लोगों को यह डोज दी गयी। टीका की दोनों खुराक लिए जाने के नौ माह के उपरांत ही प्रीकॉशनरी डोज दी जाएगी। जिले में कुल 12.68 लाख व्यक्तियों का प्रथम डोज़ एवं 12.06 लाख व्यक्तियों को दूसरे डोज़ का टीकाकरण किया गया है। अब तक कुल 14 लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हो सकी है। सिविल सर्जन ने बताया कि अब तक जिले में 11670 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इसमें 11,598 लोगों के स्वस्थ होने की जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने बताया कि संभावित मरीजों की पहचान के लिये अब तक 17.37 लाख लोगों के सैंपल की जांच की गयी है। जिसमे माह अप्रैल में अब तक कुल 10 हजार से अधिक जांच किये गये जिसमें कुल 4 व्यक्ति संक्रमित पाए गये हैं। वर्तमान में रिकवरी दर 99.4 प्रतिशत है। संक्रमण के बढते मामलों को देखते हुए जिले में बचाव संबंधी उपायों के प्रति सतर्कता बढ़ा दी गयी है।



