
फेसबुक पर लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर करती थी ठगी, गिरफ्तार
नई दिल्ली- 29 जनवरी। उत्तरी जिला की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो फेसबुक पर लोगों को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे ठगी करती थी। आरोपित खुद को यूके, यूएई या दूसरे देशों का नागरिक बताती थी। इसके बाद उनको महंगे तोहफे भेजने के नाम पर ठगी की जाती थी। आरोपितत की पहचान ज्योति (29) (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपित के पास से 13 मोबाइल फोन, 16 सिमकार्ड, एक वाईफाई डिवाइस बरामद करने के अलावा छह फेसबुक और एक इंस्टाग्राम अकाउंट का पता लगाया है। पुलिस की मानें तो आरोपित युवती करीब 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुकी है। पुलिस पकड़ी गई आरोपित युवती से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी ने शनिवार को बताया कि पिछले दिनों गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल पर बुराड़ी निवासी धर्मराज ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि पिछले दिनों उनके फेसबुक पर अमारा गुजराल महिला ने फेसबुक फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजी। धर्मराज ने उसे स्वीकार कर लिया। कुछ दिनों बाद अमारा ने उससे चैटिंग शुरू कर दी।
वह खुद को यूके निवासी बताती थी। अमारा ने बताया कि जल्द ही वह दिल्ली आना चाहती है। वह यूके के नंबर से ही चैट करती रही। इस बीच उसने पीड़ित को अपने दिल्ली आने के एयर टिकट भी व्हाट्सएप किए। उसने जल्द ही धर्मराज से मिलने की बात की। जिस दिन अमारा को दिल्ली आना था उसी दिन उसके पास एक अन्य महिला का फोन आया।
उसने खुद को मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी बताया। उसने कहा कि अमारा मोटी रकम और तोहफो के साथ आई हुई है। उसके पास भारतीय मुद्रा नहीं है, 34 हजार रुपये देकर उसे छुड़ाया जा सकता है। धर्मराज ने बताए गए खाते में रुपये डाल दिए। इसके बाद दोबारा उससे 50 हजार की मांग की गई।
पीड़ित ने रुपये देने से मना किया तो अमारा ने उसको फेसबुक पर ब्लॉक कर दिया। ठगी का पता चलने पर मामले की शिकायत दी गई। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। एसएचओ अजय दलाल, एसआई रोहित सरासवत की टीम ने मामले की जांच शुरू की।
टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर जांच करते हुए टीम पहले गुलाबी बाग पहुंची। वहां से पता चला कि लड़की अपने घर नहीं बल्कि बहन के साथ तिलक नगर के कृृष्णापुरी में रहती थी। पुलिस ने ज्योति को वहां से दबोच लिया। इसके पास से कुल 13 मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ। ज्योति ने बताया कि वह फेकबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों से दोस्ती कर गिफ्ट देने के नाम पर ठगी करती थी।
ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम…
ज्योति ने बताया कि वह पिछले कई सालों से ब्यूटीशियन का काम करने वाली बहन के साथ तिलक नगर में रहती है। यहां उसकी मुलाकात अफ्रीकी मूल के युवकों हुई। उनके साथ रहकर उसने ठगी के तरीके सीख लिये। महज 12वीं पास महक ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अलग-अलग नामों से कई अकाउंट खोल लिये। वह खुद को विदेशी नागरिक बताकर पुरुषों से दोस्ती करती थी।
इसके बाद उनको महंगे तोहफे भेजने के नाम पर ठगा जाता था। पीड़िता का विश्वास जीतने के लिये ज्योति ने यूके की चार सिमकार्ड व कुछ मुंबई के सिमकार्ड खरीदे हुए थे। इसके अलावा कुछ अकाउंट का इंतजाम किया हुआ था। एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी बनकर वह ठगी की वारदात को अंजाम दे रही थी। शुरुआती पूछताछ के बाद ज्योति ने बताया कि वह 100 से अधिक लोगों के साथ ठगी कर चुकी है।



