
पत्रकारिता के विश्वविद्यालय थे कमाल खान
बलिया/यूपी- 15 जनवरी। वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान के निधन से जिले में पत्रकार शोक में डूबे हैं। शनिवार को टाउन हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कमाल खान को श्रद्धांजलि देते हुए पत्रकारों की आंखें नम हो गईं।
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने वरिष्ठ पत्रकार कमाल खान के असामयिक निधन पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम के आरंभ में सभी पत्रकारों ने मरहूम पत्रकार कमाल खान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जिले भर आए पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मनोरंजन सिंह ने कहा कि कमाल खान पत्रकारिता के चलते-फिरते विश्वविद्यालय थे। आज के नए पत्रकारों को उनके पत्रकारीय जीवन से सीख लेनी चाहिए। कमाल खान जैसी भाषा पर गहरी पकड़ वाले पत्रकार बहुत कम हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में कमाल खान ने खुद को निष्पक्ष पत्रकार के रूप में स्थापित किया, यह असाधारण बात है।
कहा कि बेबाक पत्रकार होने के साथ ही कमाल खान अच्छे इंसान भी थे। वहीं, अन्य पत्रकारों ने भी कमाल खान से जुड़े संस्मरण साझा किए। जिसे सुन कर सभी की आंखें नम हो गईं। अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर कमाल खान के आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना किया।
इस अवसर पर अनूप हेमकर, सुधीर ओझा, ओंकार सिंह, नरेन्द्र मिश्र, अनिल अकेला,पंकज राय,राजेश ओझा,भोला जी,श्रवण पाण्डेय, शशिकांत ओझा,मनोज राय, पंकज पाण्डेय,नवनीत मिश्रा,संजय तिवारी व राजीव जायसवाल आदि थे। संचालन अखिलेश सिन्हा व आभार करुणासिन्धु सिंह ने प्रकट किया।



