क्राइम

नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में BSF के कांस्टेबल सहित 5 गिरफ्तार

रांची- 25 नवम्बर। आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने झारखंड में नक्सलियों एवं अपराधियों को हथियार तथा गोली की सप्लाई करने वाले गिरोह के पांच अपराधी को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अपराधियों में बीएसएफ के कांस्टेबल कार्तिक बेहरा, बीएसएफ के रिटायर हवलदार अरुण कुमार सिंह, कुमार गुरलाल ओचवारे, शिवलाल धवल सिंह चौहान और हिरला गुमान सिंह ओचवारे शामिल है। इनके पास से पुलिस ने 14 पिस्टल 21 मैगजीन, 9,213 राउंड गोली, खाली खोखा,डेटोनेटर, बाइक और मोबाइल बरामद किया गया है। आईजी अभियान एवी होमकर और एटीएस के एसपी प्रशांत आनंद ने गुरुवार को संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी अपराधियों की गिरफ्तारी महाराष्ट्र और पंजाब से हुई है।

जानकारी देते अधिकारी।

झारखंड में सक्रिय उग्रवादी और संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश डीजीपी की ओर से दिया गया है। उग्रवादी और आपराधिक संगठनों को हथियार और गोली उपलब्ध कराने वाले सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करने और इस कार्य में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए डीजीपी ने एटीएस को निर्देश दिया था। इसके बाद एटीएस के द्वारा इस नेटवर्क के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में एटीएस ने झारखंड राज्य के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश,पंजाब ,महाराष्ट्र राज्य में सघन छापेमारी की। इस दौरान इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में नक्सलियों एवं अपराधियों को हथियार और गोली की सप्लाई करने वाले सीआरपीएफ जवान सहित तीन लोगों को एटीएस ने बीते 16 नवंबर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों में सीआरपीएफ जवान अविनाश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा (29), ऋषि कुमार (49) और पंकज कुमार सिंह (48) शामिल थे। इनकी निशानदेही पर 5.56 एमएम की 450 राउंड गोली जब्त की गयी थी।

इसके बाद एटीएस ने 18 नवंबर को धनबाद में कारवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के चिरकुंडा के रहने वाले कामेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके पास से दो पिस्टल, 14 कारतूस और तीन मैगजीन भी बरामद किया गया था। गिरफ्तार हुए इन सभी आरोपियों के दिए सूचना के आधार पर एटीएस ने कार्रवाई करते हुए चार अन्य अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

अविनाश उर्फ चुन्नू सीआरपीएफ 182 में आरक्षी के रूप में पुलवामा में पदस्थापित था। वह छुट्टी पर घर आने के बाद चार माह से कार्य से अनुपस्थित था। वह वर्ष 2011 में मोकामा ग्रुप सेंटर में सीआरपीएफ में बहाल हुआ था। पूर्व में वह 112 बटालियन सीआरपीएफ लातेहार और 204 बटालियन कोबरा जगदलपुर में पदस्थापित रहा था।

पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि आरोपितों द्वारा नक्सलियों को भारी संख्या में एके-47 और इनसास राइफल उपलब्ध कराये गये हैं। इसके अलावा विभिन्न आपराधिक गिरोह, जिसमें अमन साहू गिरोह भी शामिल है, को भी हथियार और गोली उपलब्ध करायी गयी है। सीआरपीएफ जवान अविनाश अमन साहू के अलावा शेरघाटी जेल में बंद अपराधी हरेंद्र यादव और गया जेल में बंद लल्लू खान के भी संपर्क में था।

अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी टीम में सहायक पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक आशुतोष कुमार सत्यम,पुलिस उपाधीक्षक भोला प्रसाद सिंह , पुलिस उपाधीक्षक ज्ञान रंजन,पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार महतो, अरविंद कुमार लव कुमार सिंह, बबलू कुमार,आशीष कुमार सिंह सहित एटीएस के सशस्त्र बल शामिल थे।

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