
नए साल में बेरोजगारी हटाओ यात्रा पर निकलेंगे तेजस्वी
पटना- 18 दिसंबर। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाज सुधार यात्रा के बाद नए साल में बेरोजगारी हटाओ यात्रा पर निकलेंगे। शादी के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि खरमास के बाद वे भी पूरे बिहार का दौरा करेंगे। नए साल में वे बेरोजगारी हटाओ यात्रा पर निकलेंगे। यात्रा के बाद पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान विशाल रैली का भी आयोजन किया जाएगा। बेरोजगारी हटाओ रैली में भारी संख्या में लोगों का जुटान होगा। तेजस्वी ने बताया कि यात्रा एवं रैली के दौरान सरकार को जमीनी हकीकत बताने की कोशिश होगी।
तेजस्वी ने कहा कि जातीय जनगणना को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की बात की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दो-चार दिनों में सर्वदलीय बैठक बुला ली जाएगी लेकिन अभी तो कोई सूचना नहीं आई है। जाति जनगणना देश और राज्य के हित में है तो आप किसका इंतजार कर रहे हैं। सभी पार्टियों की मीटिंग करा लेते। जब विधानसभा, विधान परिषद से इसे पास करा लिया गया हो और केंद्र को भेज दिया गया है लेकिन आप अब तक इसे क्यों नहीं आगे बढ़ा रहे हैं। क्योंकि, भाजपा के दबाव में नीतीश कुमार है। मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर तेजस्वी ने कहा कि समाज सुधार यात्रा पर निकल रहे हैं। मुख्यमंत्री को जनता के बीच रहना चाहिए लेकिन वह अधिकारियों से घिरे रहते हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार को विशेष दर्जा दिलाने की बात करते हैं। अजीब स्थिति यह है कि वे यह मांग भी एनडीए सरकार से कर रहे हैं, जिसमें खुद जदयू शामिल है। जब दोनों जगह एनडीए की सरकार है तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला है। क्योंकि, राजग के लोग चाहते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि विकास के हर पैमाने पर बिहार पिछड़ा हुआ है लेकिन यह स्थिति तब है जब बिहार के 40 में से 39 सांसद एनडीए के हैं। आप कहते हैं की डबल इंजन के सरकार हैं लेकिन क्या हाल है कि 39 सांसद रहते हुए भी बिहार में विकास का कोई काम नहीं हो रहा है।
तेजस्वी ने कहा कि राजद के समय 22 सांसद थे तो रेल कारखाने, सड़क और कई अन्य विकास कार्य हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई उद्योग धंधा नहीं है। विधि व्यवस्था दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है। भ्रष्टाचार पूरी तरह से चरम पर है। यह राज्य के सत्ताधारी दल के सभी दावों की पोल खोलता है।शराबबंदी, रोजगार, शिक्षा उद्योग लगाने में यह सरकार पूरी तरह फेल है। 3 साल में ग्रेजुऐट होना है लेकिन एक बच्चे ने मुख्यमंत्री से पूछा कि छह साल हो गए। अभी भी नहीं हुआ तो उसे बाहर कर दिया गया।



