
नए कानून के तहत होगा अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन
मेरठ, 26 नवम्बर। जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि क्लीनिकल इस्टेब्लिसमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट-2010 के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में सभी अस्पतालों का रजिस्ट्रीकरण जरूरी है। राष्ट्रीय परिषद द्वारा नैदानिक स्थापनों का वर्गीकरण तथा विभिन्न श्रेणियों के लिए मानकों को विकसित किया गया है जिसका विवरण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाईट पर उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने बताया कि रजिस्ट्रीकरण के संबंध में वर्तमान व्यवस्था दिनांक 31 दिसम्बर 2021 के पश्चात् खत्म हो जाएगी। एक जनवरी 2022 से सभी अस्पतालों का रजिस्ट्रीकरण नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) अधिनियम-2010 के अनुसार जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पंजीकृत सभी अस्पतालों के पंजीकरण की वैधता 31 मार्च 2022 को स्वतः समाप्त हो जाएगी।
सभी को 31 मार्च 2022 से पहले अपना पंजीकरण नए कानून के अनुसार कराना होगा। नए पंजीकरण राष्ट्रीय परिषद द्वारा विकसित मानकों के आधार पर जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। 30 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन जनशक्ति, अग्निशमन तथा बायोमेडिकल वेस्ट अधिनियम से संबंधित मानकों के पूर्ण होेने पर किया जाएगा। 30 व 30 से अधिक बेड के चिकित्सालयों के रजिस्ट्रीकरण के संबंध में राष्ट्रीय परिषद द्वारा विकसित सभी मानक लागू होंगे।



