
दिल्ली:- 18 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ दो गिरफ्ता,कमाई से एमबीए की पढ़ाई
नई दिल्ली- 3 नवंबर। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस के नारकोटिक्स दस्ते के ‘ऑपरेशन स्पाइडर’ को ड्रग्स के सौदागरों को दबोचने में बड़ी कामयाबी मिली है। ‘ऑपरेशन स्पाइडर’ के इस जाल में एमबीए कर चुके ड्रग्स किंग तैमूर खान उर्फ भोला के नेटवर्क के दो बड़े आरोपित सौदागर दबोचे गए हैं। इनसे 18 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई है। यह सौदागर घर पर ही ड्रग्स तैयार कर सप्लाई करते रहे। घर पर सफेद हेरोइन (हाइड्रोक्लोराइड) तैयार करने का प्लांट लगाया। इन आरोपितों की पहचान आसिम और वरुण के रूप में हुई है। करीब दो हफ्ते पहले इसी नारकोटिक्स दस्ते ने एक किलोग्राम हेरोइन पकड़ी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ‘ऑपरेशन स्पाइडर’ के तहत दिल्ली एनसीआर के बड़े अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। आसिम बरेली का रहने वाला है। आसिम ड्रग्स किंग के नाम से कुख्यात तैमूर खान उर्फ भोला के भाइयों वासिम और सलमान का गुर्गा है। दूसरा आरोपित वरुण मुकुंदपुर में रहता है। वह सुल्तानपुरी के ड्रग माफिया दिनेश का सप्लायर है।
ड्रग्स किंग तैमूर खान उर्फ भोला नौ मुकदमों में वांछित रहा है। उसे दिल्ली पुलिस की नारकोटिक्स सेल ने सितम्बर 2021 में सीलमपुर दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उस पर डेढ़ लाख रुपये का इनाम था। भोला एमबीए कर चुका है। अपराध की कमाई का कुछ हिस्सा जरूरतमंद लोगों की मदद कर उसने अपनी छवि रॉबिनहुड जैसी बनाई। भोला की गिरफ्तारी के बाद उसके गुर्गे सक्रिय हैं। इस ऑपरेशन से भोला के नेटवर्क को नेस्तनाबूत किया जा रहा है। इस पुलिस अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित और उनके गुर्गे करीब 70 किलोग्राम अफीम से 7.8 किलो मोरफिन बेस और 3.9 किलोग्राम सफेद हेरोइन (हाइड्रोक्लोराइड) तैयार करते। इस खेप की खपत दिल्ली ,यूपी, राजस्थान,हरियाणा आदि जगहों में की जाती। इस ड्रग्स माफिया का नेटवर्क उत्तरी पूर्वी राज्यों में भी फैला है।



