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झारखंड में पुरानी पेंशन योजना बहाल, 1.25 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

रांची- 05 सितंबर। राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। झारखंड में एक दिसंबर 2004 के बाद से बहाल सवा लाख सरकारी कर्मियों को इसका फायदा मिलेगा। मंत्री परिषद के फैसले के बाद आज (5 सितंबर) वित्त विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है। इसके साथ ही राज्य में 9 दिसंबर 2004 द्वारा लागू अंशदायी पेंशन योजना भी समाप्त हो गई। पुरानी पेंशन योजना का लाभ एक सितंबर 2022 की तिथि से मिलेगा। वित्त विभाग ने पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए कई शर्त भी लगाए हैं। विकास संयुक्त झारखंड की अध्यक्षता में गठित कमेटी के द्वारा दी गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की गई है।

क्या है एसओपी में

वैसे कर्मी जो पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित होना चाहते हैं उनसे इस आशय का शपथ पत्र प्राप्त किया जाना है कि उन्हें इस स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की शर्तें मान्य हैं और उनके द्वारा किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय दावा राज्य सरकार से नहीं किया जाएगा। वित्त विभाग की ओर से इसके लिए शपथ पत्र का प्रारूप विकसित किया जायेगा।

एनएसडीएल से सरकारी अंशदान एवं उस पर अर्जित ब्याज की राशि सीधे राज्य सरकार को प्राप्त नहीं होने की स्थिति में कर्मियों के वार धक्के सेवानिवृत्ति के उपरांत सरकारी अनुदान एवं उस पर अर्जित ब्याज की राशि संबंधित कर्मी द्वारा सरकारी कोष में जमा करने के बाद ही पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन दी जायेगी। सरकारी अंशदान एवं उस पर अर्जित ब्याज की राशि का समायोजन कर्मी को मिलने वाले उपदान की राशि से भी किया जा सकेगा।

एनएसडीएल द्वारा सरकारी सेवकों के अंशदान की राशि किसी भी स्थिति में प्राप्त ना होने पर राज्य सरकार से दावा नहीं किया जा सकेगा। झारखंड राज्य के सरकारी कर्मियों के द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर एक सितंबर 2022 से पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाएगा। शपथ पत्र में पुरानी पेंशन योजना चयन करने वाले कर्मियों को अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत वेतन से की जा रही दस प्रतिशत मासिक अंशदान की कटौती एक सितंबर 2022 के वेतन से समाप्त हो जाएगी तथा झारखंड सामान्य भविष्य निधि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मूल वेतन से कटौती की जाएगी।

एनएसडीएल में सरकारी सेवकों के अनुदान की राशि राज्य सरकार को प्राप्त होने पर मूल राशि उस पर अर्जित ब्याज सरकारी सेवकों को दिया जाएगा और कर्मी को यह विकल्प दिया जाएगा कि वह मूल राशि को झारखंड सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा कर सकते हैं एवं उस मूल राशि पर ब्याज की राशि की गणना सामान्य भविष्य निधि खाते में जमा करने की तिथि से ही की जाएगी झारखंड सामान्य भविष्य निधि अधिनियम में आवश्यक संशोधन की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अनुसंधान एवं उस पर अर्जित ब्याज की राशि एनएसडीएल से प्राप्त होने की स्थिति में भविष्य के पेंशन दायित्व के भुगतान के लिए लोक लेखा के अंतर्गत अलग निधि में रखा जाएगा एवं प्रति वर्ष गत वर्ष के पेंशनर दायित्व के निमित्त पेंशन निधि में निवेश किया जाएगा और निवेश के संबंध में अलग से निर्णय लिया जाएगा।

कर्मियों की भविष्य निधि लेखा संख्या आवंटन करने एवं नई पेंशन योजना अंतर्गत कर्मियों एवं सरकार के द्वारा जमा की गई अंशदान के राशि पर अर्जित ब्याज आदि का समायोजन गणना के लिए वित्त विभाग के अंतर्गत भविष्य निधि निदेशालय नोडल कार्यालय होगा। एक दिसंबर 2004 से एक सितंबर 2022 तक के मध्य में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामले में भी पुरानी पेंशन की योजना के अनुरूप पात्र सरकारी सेवक परिवारों को नियमानुसार लाभ दिया जाएगा। ऐसे सरकारी सेवक जिनको अंशदायी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति के बाद अथवा सरकारी सेवक के मृत्यु के मामले में उनके परिवार को सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त हो चुके हैं, ऐसे मामले में पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप लाभ का निर्धारण करने संबंधी दिशा-निर्देश अलग से जारी किया जाएगा।

योजना के आलोक में लेखा संधारण विनियमन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश अलग से जारी किया जाएगा हम पुरानी पेंशन योजना बहाल बहाल करने के क्रम में किसी तरह की भांति उत्पन्न होने पर वित्त विभाग द्वारा सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश और स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा। नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाली संबंधित समस्त कार्यों का निष्पादन एवं अन्य संगत कार्रवाई वित्त विभाग द्वारा किया जाएगा।

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