
छुट्टा जानवरों को लेकर बनेगी नई नीति: PM मोदी
उन्नाव- 20 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद किसानों को जिन छुट्टा जानवरों से परेशानी हो रही है उसे लेकर सरकार उपयोगी नीति बनाएगी जिसके बाद लोग ऐसे जानवरों को अपने घर रखना पसंद करने लगेंगे। किसानों को छुट्टा जानवरों से होने वाले नुकसान की तरफ संकेत करते हुये प्रधानमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि 10 मार्च के बाद उन्हें ऐसी किसी भी दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। सरकार छुट्टा जानवरों के लिये नई नीति लेकर आएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्नाव में आयोजित चुनावी रैली में कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को हार का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि वे उस सीट को हारने वाले हैं जिसे वे सबसे सुरक्षित मानते थे। सीएम-उम्मीदवार अपनी सीट को लेकर असुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें (अखिलेश को) अपनी सीट बचाने के लिए अपने पिता से गुहार लगानी पड़ी, जिन्हें कभी पार्टी पर कब्जा करने के लिए मंच से धक्का देकर अपमानित किया गया था। उन्होंने कहा, “जब मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार ही अपनी ही सीट पर असुरक्षित हो, तो हवा के रुख का पता लगाया जा सकता है।”
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल अखिलेश यादव के एक वीडियो का जिक्र करते हुये कहा कि एक पार्टी का अध्यक्ष किस तरह से हमारे सिपाहियों को अपमानित कर रहा है आज पूरा उप्र देख रहा है। कोरोना टीके को ‘भाजपा का टीका’ बताने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की खिंचाई की। उन्होंने कहा, “दुनिया के दर्जनों देश भारत में बने टीकों के लिए कतार में थे। लेकिन इन लोगों ने गरीब का जीवन बचाने वाले टीके के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। कहा गया कि ये भाजपा का टीका है।”
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के उप्र-बिहार के भैया वाले बयान का स्मरण कराते हुये मोदी ने कहा कि घोर परिवारवादियों के लिए सबसे बड़ा होता है- अपना स्वार्थ, अपने करीबियों का स्वार्थ। चाहे उप्र के लोगों की बेइज्जती हो। अगर इनको अपना फायदा नहीं दिखता, तो ये उससे भी आंखें मूंद लेते हैं।
प्रधानमंत्री ने सपा की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि सत्ता मिलने के बाद वंशवादी राजनेताओं को अपना खजाना भरने के अलावा और किसी काम के लिए समय नहीं मिलता। उन्होंने कहा, “इन घोर परिवारवादियों की सरकार में संगीन अपराधों के आरोपी और माफिया मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। तब माफिया ही सरकार चलाते थे। प्रशासन को भी सीधा आदेश देते थे – न खाता न बही, जो माफिया और गुंडे कहेंगे, वही सही।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस अंधेरगर्दी से उप्र को बाहर निकालकर लाई है। इसलिए उप्र कह रहा है जो सुरक्षा लाए हैं, हम उनको लाएंगे! जो सम्मान लाए हैं, हम उनको लाएंगे। उन्होंने प्रदेश में भाजपा की जीत का दावा करते हुये कहा कि उप्र में आज हर तरफ एक ही गूंज है- 2017 में हराया था, 2022 में फिर हराएंगे, उप्र के लोग योगी जी को ही लाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में केंद्र द्वारा सूबे के रेहड़ी-पटरी वालों की दी गई आर्थिक सहायता का जिक्र करते हुये कहा कि पीएम स्वनिधि योजना से उत्तर प्रदेश के लगभग साढ़े 8 लाख रेहड़ी, ठेले वाले साथियों को लोन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पहली बार छोटे किसानों को नीति-निर्माण के केंद्र में रखा है। पीएम किसान सम्मान योजना और 60 वर्ष के बाद पेंशन की योजना इसका बड़ा प्रमाण है।
नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं पर विशेष बल का जिक्र करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमने नई शिक्षा नीति में निर्णय लिया है कि अपनी मातृभाषा में, उत्तर प्रदेश का गांव में पढा हुआ बच्चा अपनी हिंदी भाषा में पढ़ा हुआ बच्चा भी डॉक्टर या इंजीनियर बन सकता है। अब उसको अंग्रेजी के बोझ तले दबने की जरूरत नहीं है।



