केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में FCV तंबाकू उत्पादकों को ब्याज मुक्त ऋण को मंजूरी दी

नई दिल्ली- 26 फरवरी। आंध्र प्रदेश में तंबाकू की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में एफसीवी तंबाकू उत्पादकों को ब्याज मुक्त ऋण को मंजूरी दे दी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि आंध्र प्रदेश में एफसीवी तंबाकू उत्पादकों की कठिनाइयों को देखते हुए भारत सरकार ने तंबाकू बोर्ड के उत्पादक कल्याण कोष निधि से प्रत्येक उत्पादक सदस्यों के लिए 10 हजार रुपये का ब्याज मुक्त ऋण स्वीकृत किया है। यह ब्याज मुक्त ऋण उनके लिए है, जिनकी फसलें मिचौंग चक्रवात की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई थी।

मंत्रालय के मुताबिक यह केवल आंध्र प्रदेश फसल सीजन 2023-24 के लिए एकमुश्त ब्याज मुक्त ऋण है। यह ब्याज मुक्त ऋण राशि 2023-24 आंध्र प्रदेश फसल सीजन की संबंधित तंबाकू उत्पादकों की नीलामी बिक्री आय से वसूल की जाएगी। अभी कर्नाटक में एफसीवी तंबाकू की नीलामी चल रही है। अब तक बोर्ड द्वारा कर्नाटक में अपने ई-नीलामी प्लेटफार्मों के माध्यम से लगभग 85.12 मिलियन किलोग्राम एफसीवी तंबाकू का विपणन किया जा चुका है। तंबाकू उत्पादकों को मिलने वाली औसत कीमत में 12.49 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले वर्ष के 228.01 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर चालू वर्ष में 256.48 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

वहीं, कर्नाटक सरकार ने 2 एफसीवी तंबाकू उत्पादक तालुकों को छोड़ कर सभी में सूखा घोषित कर दिया है। इससे एफसीवी तंबाकू उत्पादकों की आजीविका प्रभावित हुई है। इसके कारण भारत सरकार ने केवल कर्नाटक फसल सीजन 2023-24 के लिए पंजीकृत उत्पादकों के अतिरिक्त उत्पादन और अपंजीकृत उत्पादकों के अनधिकृत उत्पादन की बिक्री पर जुर्माना माफ करने के बाद तंबाकू बोर्ड नीलामी मंच पर एफसीवी तंबाकू की बिक्री की अनुमति देने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि फ्लू क्यूर्ड वर्जीनिया (एफसीवी) तंबाकू का उत्पादन भारत में मुख्य रूप से दो राज्यों, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में किया जाता है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश में फसल का मौसम चल रहा है, जिसमें 42,915 एफसीवी तंबाकू उत्पादक हैं। इसकी कर्नाटक में नीलामी चल रही है, जिसमें 39,552 एफसीवी तंबाकू उत्पादक हैं।

lakshyatak
Author: lakshyatak

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!