
किसानों के खाते में 31 मई को जायेगी पीएम किसान सम्मान निधि की राशि : राधामोहन सिंह
मोतिहारी- 26 मई। भाजपा सांसद सह पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने गुरुवार को यहां किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 31 मई को किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि हस्तांतरित की जायेगी। साथ ही सभी प्रखंडों में उक्त योजना के लाभुकों को प्रधानमंत्री संबोधित भी करेंगे।
सांसद राधामोहन सिंह आज खरीफ महाभियान अंतर्गत जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला को संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व कर्मशाला का उद्घाटन सांसद राधामोहन सिंह, गन्ना उद्योग सह विधि विभाग मंत्री प्रमोद कुमार, विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री सह मधुबन विधायक ई.राणा रंधीर सिंह, हरसिद्धि विधायक कृष्णनंदन पासवान, पीपरा विधायक श्यामबाबू यादव, गोविंदगंज विधायक सुनिल मणी तिवारी, जिला परिषद अध्यक्ष ममता राय, जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक, जिला कृषि पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद, निदेशक, आईसीएआर, पीपराकोठी डा. केजी मंडल, उप कृषि निदेशक सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान सांसद सिंह ने कृषि के अन्य क्षेत्रों में आमदनी दुगुनी करने के लिए मौसम अनुकूल खेती करने का सुझाव दिया।गन्ना उद्योग सह विधि विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी किसानों को प्रेरित करें। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र पीपरा कोठी में आधुनिक खेती के प्रशिक्षण के लिए भेजने का प्रबंध करे।जिलाधिकारी अशोक ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर जोर देते हुए कहा कि जिले के 800 एकड़ के लक्ष्य को पूरा करना है। लक्ष्य को पंचायतवार विखंडीकरण कर किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक एवं प्रखंड उद्यान पदाधिकारी लक्ष्य को पूरा करेंगे। बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अपनाने से 30 से 40 प्रतिशत जल की बचत होती है एवं उत्पादकता भी बढेगी।
जबकि जिला कृषि पदाधिकारी ने खरीफ 2022 में संचालित योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं को धरातल पर शत्-प्रतिशत उतारने के लिए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देशित किया।मौके पर डा. राहुल कुमार,डा. प्रवीण कुमार सिंह,कुंवर सिंह,डा.सुजित नाथ मल्लिक,सभी अनुमंडल पदाधिकारी,सभी किसान सलाहकार समिति अध्यक्ष,सहायक निदेशक अमितेश कुमार,दीपक कुमार,सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी कृषि समन्वयक, सभी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक,सभी सहायक तकनीकी प्रबंधक,सभी किसान सलाहकार सहित प्रगतिशील किसान मौजूद थे।



