
काश! मैं भी अभी बच्ची होती …..नॉलेजग्राम इंटरनेशनल स्कूल में मनाया गया दीपावली व छठ पूजा का उत्सव
पटना। पटना के प्रतिष्ठित विद्यालयों में से एक नॉलेजग्राम इंटरनेशनल स्कूल के द्वारा इन पर्वों का आयोजन इतना मार्मिक एवं जीवन तथा कि हमारे अतिथि ने इतना तक कह डाला कि काश! मैं भी अभी बच्ची होती जिससे मुझे भी यहां अभिनय करने का मौका मिलता। सभी मुख्य अतिथियों,निदेशक महोदय डा० सी.बी सिंह एवं प्राचार्या महोदया राधिका के. के तिलक अभिषेक से तथा “चंदनस्य महतपुण्यं पवित्रं पापनाशनं” मंत्रोच्चारण से स्वागत किया गया। उत्सव का प्रारंभ हमारे आदरणीय मुख्य अतिथि द्वय, निदेशक एवं प्राचार्या के द्वारा दीप प्रज्वलन कर तथा मंत्रोच्चारण “शुभम करोति कल्याणम” से किया गया तत्पश्चात माँ लक्ष्मी के आगमन की खुशी में लक्ष्मी स्तुति पूजा तथा विद्यालय के मध्य दीप प्रज्ज्वलित किया गया।

“रोशनी का है ये त्योहार,लायी है ये खुशियां अपार” के धुन पर बच्चों ने अपनी खुशी स्वरबद्ध कर व्यक्त की । इसके उपरांत छोटे-छोटे बच्चों ने रंग-बिरंगे कपड़ों में आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया । शुभारंभ नृत्य से आज के उत्सव की बेहद हीं शुभ शुरुआत की गई। वहीं विद्यालय के छात्रों ने नृत्य नाटिका के माध्यम से राम के 14 वर्षों के पश्चात अयोध्या लौटने का पूरा दृश्य जीवंत रख दिया। भगवान राम,माता सीता एवं भैया लक्ष्मण का पुष्पक विमान पर अयोध्या आगमन,राम का तीनों माताओं से मिलन तथा भरत मिलाप और राज्य अभिषेक का दृश्य अत्यंत ही भाव विह्वल रहा। सभी दर्शक ये दृश्य देखकर भावुक हो गए। तथा सभी की आँखों से आंसू छलक रहे थे।
विशेष आकर्षण में दृश्य का पुष्पक विमान अत्यंत ही जीवंत था,ऐसा लग रहा था कि आकाश में पुष्पक विमान में विराजमान भगवान श्री राम,माता सीता तथा भैया लक्ष्मण चले आ रहे हैं। छठ बिहार का महान पर्व,जहां उगते हुए सूर्य की ही नहीं अस्त होते हुए सूर्य की भी उपासना की जाती है, जिसका मंचन हमारे विद्यालय के छात्रों के द्वारा अत्यंत ही भावपूर्ण रहा । छठ पूजा की परंपरा को दर्शाते हुए घाट यात्रा के साथ साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का दृश्य देखते बनता था। सभी बच्चों ने अपने उदात्त अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।
आज के बेहद ही भावुक एवं मनोरम कार्यक्रम को देखकर आज के मुख्य अतिथि डॉक्टर रत्ना पुरकायस्थ ने संबोधित करते हुए कहा कि “मैं अत्यंत ही भाव विभोर हो उठी हूं। तथा इन सभी बच्चों की प्रतिभा को देखकर खुद की बचपन की दुनिया में चली गई हूं। उन्होंने सभी बच्चों को दीपावली एवं छठ की शुभकामनाएं दी तथा दीपावली में प्रदूषण न फैलाने की भी शिक्षा दी। उन्होंने अपने आशीर्वचन से सभी को अपना आशीर्वाद दिया। वही आज की द्वितीय मुख्यअतिथि चंदा गुप्ता ने आज के कार्यक्रम को अत्यंत सराहनीय बताया। सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को गलत रास्ते से खुद को बचाने की शिक्षा दी,साथ ही सही राह अपनाने की शिक्षा दी। उन्होंने यह भी बताया कहा कि यह त्यौहार हमें जीवन के संस्कार एवं भारत की संस्कृति सिखाते हैं और हम सभी को इसका पालन करना चाहिए। विद्यालय के निदेशक डॉ सीबी सिंह ने आज के मुख्य अतिथि,सभी बच्चों शिक्षकों एवं अन्य दर्शकों को दिवाली एवं छठ की असीम शुभकामनाएं दी तथा साथ ही साथ सभी को भारत के महान पर्व दिवाली तथा छठ के महत्व के बारे में बताया।
विद्यालय की प्राचार्या राधिका के. ने आज के कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा मुख्य अतिथिगण का अभिनंदन करते हुए सभी दर्शकों को दिवाली एवं छठ की असीम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। प्राचार्या ने बताया कि विद्यालय केवल साक्षर होने का नाम नहीं बल्कि विद्यालय में हमें हमारे बच्चों को अपने इतिहास के संस्कार एवं संस्कृतियों से अवगत कराना भी आवश्यक है।
दर्शक दीर्घा में सभी अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे। तथा तालियों की ध्वनि चारों ओर गुंजायमान हो रही थी। उत्सव का समापन सूर्य आरती से किया गया। वहां उपस्थित मुख्य अतिथिद्वय,निदेशक,प्राचार्या, शिक्षकगण एवं बच्चों द्वारा सूर्य आरती की करतल ध्वनि से विद्यालय का प्रांगण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम की परम विशेषता थी,बच्चों के द्वारा राम, लक्ष्मण, सीता,भरत,शत्रुघ्न, कौशल्या,कैकयी, सुमित्रा, हनुमान, विभीषण, वानर समूह का अभिनय, बच्चों द्वारा बनाया गया पुष्पक विमान,छठ का घाट-निर्माण, छठव्रतियों द्वारा सूर्य की पूजा एवं आरती तथा सामयिक नृत्य एवं गीत के अनेक कार्यक्रम जो सभी दर्शकों के मानस को भिंगो गए। यह कार्यक्रम वर्षों तक दर्शकों के मानस-पटल पर छाया रहेगा।



