
कथित केंद्र शासित प्रदेश का फर्जी राज्यपाल पत्नी के साथ बेगूसराय से गिरफ्तार
बेगूसराय- 13 अप्रैल। बेगूसराय में डीएम के निर्देश पर एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसकी टीम में राष्ट्रपति से लेकर मंत्री तक सभी काम करते हैं। इस गिरोह का अपना केंद्र शासित प्रदेश भी है, जिसकी राजधानी बेगूसराय है। मामला बेगूसराय जिला मुख्यालय के मुंगेरीगंज का है। जहां मिथिलांचल विकास बोर्ड, राजधानी बेगूसराय के नाम से एक संस्था कई महीनों से चल रहा था।
मिथिलांचल विकास बोर्ड को केंद्र शासित प्रदेश तथा उसकी राजधानी बेगूसराय को बनाया गया था। इस राज्य में 24 और जिले को भी शामिल किया गया है। बेगूसराय में यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन डीएम के संज्ञान में आने के बाद खुलासा हो गया।
मिथिलांचल विकास बोर्ड संस्था की ओर से बेगूसराय के डीएम को पत्र लिखकर फंड की मांग भी की गई तथा मांग पूरा नहीं होने पर मानवाधिकार में जाने की बात कही गई थी। बार-बार पत्र लिखे जाने पर बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा को संदेह हुआ है। डीएम के निर्देश पर बेगूसराय के सदर बीडीओ सुदामा प्रसाद सिंह के नेतृत्व में नगर थाना के टीम ने उक्त कार्यालय पर छापेमारी की गई। जिसमें गिरोह का पर्दाफाश हुआ है तथा गोरखधंधा की यह कहानी सुनकर अधिकारी भी हैरान हैं।
बीडीओ ने बताया कि छापेमारी के दौरान लाखो ओपी क्षेत्र के भैरवार पंचायत स्थित इनियार गांव निवासी नीलेश कुमार एवं उसकी पत्नी शबनम कुमारी को गिरफ्तार किया गया। लेकिन पूछताछ के बाद बांड बनाकर दोनों को छोड़ दिया गया है। इतना ही नहीं नीलेश ने एक केंद्रशासित राज्य गठित कर अपने को उसका राज्यपाल को घोषित कर रखा था। एक राष्ट्रपति भी बनाए गए थे, इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं मंत्री भी अन्य लोगों को बना रखा था।
उन्होंने बताया कि करीब दस वर्षों से नीलेश बेगूसराय एवं अन्य जिलों में अपना गोरखधंधा चला रहा था। छापेमारी से पहले राज्यपाल एवं उसकी पत्नी को छोड़कर सभी लोग कथित राज्य के राजधानी मुख्यालय से फरार हो गए। पुलिस एवं प्रशासन इस मामले की गंभीरता पूर्वक जांच पड़ताल कर रही है।



