
एलसीएस कॉलेज दरभंगा में एनओयू के स्टडी सेंटर का उदघाटन
दरभंगा-10 दिसंबर। स्थानीय एलसीएस कॉलेज दरभंगा में नालंदा खुला विश्वविद्यालय पटना के स्टडी सेंटर का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। जिसका उदघाटन एनओयू के रजिस्ट्रार डा. घनश्याम राय,महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ जर्नादन प्रसाद ‘सुधांशु’,वरीय प्राध्यापक डॉ मिथिलेश कुमार यादव,ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव (प्रथम) डॉ कामेश्वर पासवान के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। साथ ही शिलापट्ट का अनावरण भी किया।

वहीं महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एन ओ यू के कुलसचिव ने कहा कि आज दस दिसंबर है। मानवाधिकार दिवस है। वर्ष 2021 का थीम है, ‘असमानताओं को कम करना,मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना’। सभी मनुष्य स्वतंत्र और अधिकारों में समान है। सभी को समानता का अधिकार मिले और सभी समान रूप से जीने का अधिकार रखते हैं। मानव अधिकार के लिए सर्वप्रथम महात्मा फुले ने संघर्ष किया। आधुनिक भारत एवं बीसवीं सदी के नायक डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर ने मानवों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी। डॉ राय ने कहा कि ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना का उद्देश्य हीं है कि सभी तरह की असमानताओं को खत्म करना। बाबासाहेब ने कहा कि सभी शिक्षित बनो। गांधीजी ने कहा कि शिक्षा,ग्राम स्वराज, स्वालम्बन, स्वरोजगार आदि।
अंबेडकर एवं गांधी के सपनों को गांव और स्वावलंबन तभी सफल होगा जब सभी को हुनरमंद शिक्षा प्राप्त होगा। हुनरमंद शिक्षा एन ओ यू के पास है। डॉ राय ने कहा कि स्टडी सेंटर खुल जाने से कामकाजी लोगों एवं महिलाओं को अध्ययन करने में काफी सहूलियत होगी। महाविद्यालय के विकास में भी डिस्टेंस एडुकेशन मददगार होगा। उन्होंने कहा कि रेगुलर मोड में किसी कारणवश पढ़ाई नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एनओयू एक सशक्त प्लेटफार्म साबित होगा। इसमें काफी जॉब ओरिएंटेड कोर्स हैं,जो अन्य विश्वविद्यालयों से भिन्न है। नैक मूल्यांकन में भी डिस्टेंस एडुकेशन सेंटर का महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने कहा कि एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का बिहार में सबसे बड़ी संस्था है।
एनओयू डिस्टेंस एडुकेशन का एक मजबूत स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 107 कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। चार दर्जन से अधिक सर्टिफिकेट कोर्स हैं। इसके अलावे कई पीजी डिप्लोमा कोर्स चलाये जा रहे हैं। ये सभी कोर्स जॉब ओरिएंटेड हैं। इसमें स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर दिया गया है। ताकि छात्र हुनरमंद हो सके। आत्मनिर्भर भारत एवं गांधी के ग्राम स्वराज और स्वावलम्बन पर बल दिया गया है। कुलसचिव ने अपने संबोधन में एनओयू के कोर्सेस को विस्तार से बतलाते हुए कहा कि बिहार के सभी बच्चे और बच्चियां विभिन्न कोर्सों में नामांकन लेकर अध्ययन कर सर्टिफिकेट प्राप्त करेंगे तभी वे हुनरमंद बनेंगे। उनमें स्वावलंबन और स्वरोजगार की भावना उत्पन्न होगी। गांधी का ग्राम स्वराज और स्वावलंबन तभी साकार होगा जब हर आदमी हुनरमंद बनेंगे। आवश्यकता की तमाम चीजों का उत्पादन ग्राम स्तर पर करेंगे और उसका उपयोग सामूहिक रूप से करेंगे। तभी ग्राम स्वराज का सपना साकार होगा।एनओयू के रजिस्ट्रार ने कहा की गांधीजी के इसी सपने को साकार करने के लिए भारत में ग्राम पंचायत और ग्राम सभाओं को स्थानीय विकास तथा स्थानीय प्रशासन का मुख्य आधार बनाया गया है। एनओयू के रजिस्ट्रार ने एल सी एस कॉलेज में स्टडी सेंटर खोलने की कागजी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद विधिवत इसकी घोषणा भी की। मौके पर उन्होंने एनओयू में सभी कोर्सों में नामांकन प्रकिया से भी अवगत कराया। कहा कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर की छात्र-छात्राएं अपने पसंद के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स अपनी पढ़ाई के अलावे कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नामांकन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मोड में जारी है। जिसकी विस्तृत सूचना व जानकारी एनओयू के वेबसाइट या एल सी एस कॉलेज के स्टडी सेंटर से ली जा सकती है।
डॉ मोहित ठाकुर,सेवानिवृत्त प्राध्यापक,ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कहा कि एन ओ यू का अध्ययन केंद्र खुलने से वंचित समाज,महिलाओं,दिव्यांग छात्रों को फायदा होगा। कुलसचिव (प्रथम) डॉ कामेश्वर पासवान ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है कि एनओयू का अध्ययन केन्द्र खुल रहा है। नैक कराने में फायदा होगा। सकल नामांकन अनुपात बढ़ेगा। स्किल इंडिया का सपना साकार होगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेकों शिक्षक एवज कर्मचारीगण उपस्थित थे।



