
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में वोटर लिस्ट से नाम कटने पर सुप्रीम कोर्ट का निर्वाचन आयोग को नोटिस
नई दिल्ली- 14 दिसंबर। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश औऱ तेलंगाना में करीब 46 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की शिकायत पर निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि ये महत्वपूर्ण मसला है।
यह याचिका हैदराबाद निवासी टेक्नॉलोजी रिसर्चर और आईआईटी मद्रास से ग्रेजुएट श्रीनिवास कोडाली ने दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने इलेक्टर्स फोटो आईडेंटिटी कार्ड (ईपीआईसी) को आधार से लिंक कर दिया है। इस डाटा को स्टेट रेजिडेंट डाटा हब से जोड़ दिया गया है जिसकी वजह से राज्य सरकारें इस डाटा को एक्सेस कर सकती हैं और उसका कॉपी कर सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ता ने 2018 में तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि लाखों वोटर दिसंबर 2018 के राज्य विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। 2021 में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अब इस याचिका पर सुनवाई करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि काफी पानी बह चुका है। याचिका में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। ये उसकी जिम्मेदारी है कि वो बिना राज्य सरकार की मदद के या उनके नियंत्रण के वोटर लिस्ट तैयार करे।



