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असमः बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे हो रहा सुधार, अबतक 26 लोगों की हुई मौत

गुवाहाटी- 26 मई। पूर्वोत्तर का प्रमुख राज्य असम गत 13 दिनों से (13 मई से) भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना कर रहा है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के नगांव जिला के धर्मतुल में कपिली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। जिसमें बरपेटा, कछार, दरंग, डिमा-हसाउ, ग्वालपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, लखीमपुर, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शोणितपुर शामिल हैं। किसी भी जिले में भूस्खलन की कोई घटना नहीं हुई है। कुल 45 राजस्व मंडल के 1,374 गांव बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से प्रभावित हैं।

लगभग 5.80 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिनमें से 81,712 लोग 346 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। राहत शिविरों में शरण नहीं लेने वाले अन्य प्रभावित लोगों को भी 182 राहत केंद्रों के माध्यम से सामग्री वितरित की गई है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ, भारतीय सेना, नागरिक सुरक्षा, अर्धसैनिक बल, भारतीय वायु सेना, डब्ल्यूआरडी, एसडीआरएफ, अग्निशमन और ईएस कर्मियों, पुलिस बलों, एएसडीएमए के एएपीडीए मित्र स्वयंसेवक आदि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने में जिला प्रशासन की मदद कर रहे हैं। .

उक्त बलों एवं एजेंसियों द्वारा अब तक 26,599 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इस मौसम में (गत 6 अप्रैल से) अब तक 26 लोगों ने बाढ़ और भूस्खलन के कारण अपनी जान गंवाई है।

भारतीय वायु सेना ने गुवाहाटी, जोरहाट और सिलचर से 20 शटल/हेलीकॉप्टरों के ट्रिप के माध्यम से चावल, दाल, सरसों का तेल, आलू-प्याज आदि जैसी आवश्यक सामानों की आपूर्ति को एयर ड्रॉप किया है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना की मदद से लगभग 8,000 लीटर डीजल भी आवश्यकता वाले स्थानों पर गिराए गए हैं।

अब तक भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से हाफलोंग के साथ-साथ हरंगाजाओ, खेपरे, लाइसोंग, हाजादिसा जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में 50.6 मीट्रिक टन खाद्य वस्तुएं प्रदान की गई हैं।

केंद्र सरकार की 6 सदस्यों की एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) एफए रवीनेश कुमार के नेतृत्व में 27 और 28 मई को राज्य के कछार, डिमा हसाउ, दरंग, नगांव और होजाई जिलों का दौरा कर बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए राज्य का दौरा करेंगे।

वर्तमान में बाढ़ एवं भूस्खलन की स्थिति से निपटने के मद्देनजर आपातकालीन संचार संपर्क की खातिर बराक घाटी के जिलों को 20 मेगा फोन प्रदान किए गए हैं।

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