
अल्पसंख्यक आयोग की पहल पर बचे लीबिया में फंसे 4 भारतीय को सुरक्षित बाहर निकालने में मिली सफलता
नई दिल्ली- 14 फरवरी। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने लीबिया में फंसे 12 भारतीयों को बचाने की मुहिम तेज कर दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने शुरू हो गए हैं। आयोग की पहल पर अब तक 4 भारतीयों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिली है जबकि बाकियों को सुरक्षित निकालने की प्रयास जारी हैं।

उल्लेखनीय है कि ये सभी भारतीय नौकरी करने के उद्देश्य से लीबिया गए थे, लेकिन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का धंधा करने वालों के जाल में फंसकर वहां नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे थे। रोपड़ (पंजाब) के जिला भाजपा अध्यक्ष अजयवीर सिंह लालपुरा ने लीबिया में फंसे सिख समुदाय से संबंध रखने वाले भारतीयों की वतन वापसी के लिए आयोग का दरवाजा खटखटाया था। आयोग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गत 6 फरवरी को विदेश मंत्रालय को निवेदन भेजा। इसमें उन युवाओं को वापस लाने का अनुरोध किया गया था जिन्हें नौकरी दिलाने का झूठा दिलासा देकर एक एजेंट के माध्यम से अवैध रूप से लीबिया ले जाया गया था। वहां पहुंचने पर उन लोगों अहसास हुआ कि वह बिना वेतन के एक निजी ठेकेदार के यहां काम कर रहे हैं। उन्हें वहां पर ठीक से खाना भी नहीं दिया जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। यह आरोप उन युवाओं के जरिए लगाया गया है।
इस संबंध में ट्यूनीशिया में भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया गया। दूतावास ने सूचित किया कि लीबिया के बेनगाजी शहर की स्थानीय निवासी तबस्सुम मंसूर ने फंसे हुए भारतीयों को मानवीय सहायता और राहत सामग्री प्रदान करने में मदद की है। ट्यूनीशिया में विदेश मंत्रालय और भारत के दूतावास की मदद से 12 में से चार भारतीयों को गत 12 फरवरी को लीबिया से सफलतापूर्वक वापस लाया गया है। आयोग अन्य भारतीयों को भी बचाने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए दूतावास के संपर्क में है। आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने भारतीय युवाओं की सकुशल वापसी पर खुशी व्यक्त की और विदेश मंत्रालय एवं दूतावास का धन्यवाद किया है।


