
हम राम और कृष्ण को नहीं,जो दिख रहा है,उसे मानते हैं: मांझी
पटना-27 दिसंबर। पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने पटना में अपने आवास पर आज ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज कराये जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कुछ लोगों गलत तरीके से मेरे बयान को तूल दे रहे थे। कहा जा रहा था कि मेरे बयान से ब्राह्मण समाज में नाराजगी है। इसको परखने लिए हमने आज ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज दिया।
एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वे राम और कृष्ण को नहीं मानते हैं। वे जो दिख रहा है, उसे मानते हैं। वे भगवान सूर्य को मानते हैं। उनके आवास पर आयोजित ब्राह्मण-दलित एकता महाभोज के दौरान मांझी स्वयं मांझी दही-चूड़ा परोसते दिखे। आयोजन स्थल के बाहर भगवान परशुराम, बाबा साहेब अंबेडकर और माउंटेन मैन दशरथ मांझी की तस्वीर लगाई गई थी । इसमें शामिल होकर कई युवकों ने भोज विरोध किया। मांझी ब्राह्मणों को भोज करा कर ब्राह्मणों के खिलाफ की गयी टिप्पणी से हुए डैमेज को कंट्रोल को भरना चाहते है ।
उल्लेखनीय है कि 18 दिसंबर को पटना में भुइयां समाज के सम्मेलन में मांझी ने कहा था, ‘दलित समाज में आजकल सत्य नारायण भगवान की पूजा का प्रचलन काफी तेज हो गया है। जगह-जगह ब्राह्मण जाकर सत्य नारायण भगवान की पूजा कराते हैं। हमारे समाज में ब्राह्मण @#$%… (गाली) जाते हैं, लेकिन खाना नहीं खाते हैं। सिर्फ पैसा लेते हैं.’।



