
हज कमेटियों के गठन व हज फंड के दुरुपयोग पर SC ने 6 हफ्ते में सरकार से मांगा जवाब
मऊ-3 दिसम्बर। केंद्रीय व राज्य हज कमेटी के गठन और हज फंड का नाजायज इस्तेमाल किये जाने को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद अहमद आजमी द्वारा दाखिल की गई जनहित याचिका पर आज हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विदेश मंत्रालय, अल्पसंख्यक मंत्रालय व हज मंत्रालय को जवाब देने के लिए 6 सप्ताह का समय दिया है। आज सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ-7 के इस आदेश पर हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आजमी ने स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि हज यात्रियों के हित में उच्चतम न्यायालय के फैसले पर उन्हें भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद आज वह मऊ जिले के मोहम्मदाबाद तहसील के नगरी पार गांव में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
आपको बतादें कि पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आजमी लगातार हज कमेटियों के गठन की मांग व हज कमेटी के फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार भारत सरकार को पत्र लिख रहे हैं । इस मामले में सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर उन्होंने पिछले दिनों न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी, जिसको स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की ।हाफिज नौशाद आदमी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगडे़ व तालहा अब्दुल रहमान ने बहस करते हुए अपना पक्ष रखा था। इन दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखते हुए मुंबई के खारघर में जो कैंप कार्यालय के नाम पर जमीन खरीदी गई है, उस पर न्यायालय से स्थगन आदेश की अपील की थी । इस संबंध में याची करता हाफिज नौशाद अहमद आदमी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के वह शुक्रगुजार हैं कि उनकी जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने गंभीरता से उन्हें सुना और यह आदेश पारित करते हुए सरकार को 6 सप्ताह का समय दिया है।
एक सवाल के जवाब में हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद अहमद आज़मी ने कहा कि वह अगले 6 सप्ताह तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे। इसके बाद वह कांग्रेस,सपा,बसपा सहित तमाम विपक्षी दलों के नेता जो मुस्लिम हितों की लड़ाई का दावा करते हैं, को इस मसले से अवगत कराएंगे और देखेंगे कि उनका हज यात्रियों के इस समस्याओं पर क्या रुख होगा,उसके बाद वह अपने जन की रूपरेखा तय करेंगे । उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अभी उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जो सरकार को समय दिया है, तब तक इंतजार करना होगा।



