भारत

सात साल में हुए गलत कार्यों के लिए भाजपा देश से माफी मांगे: मनमोहन सिंह

चंडीगढ़-17 फरवरी। पंजाब में चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एंट्री करवा दी है। मनमोहन सिंह का नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल था लेकिन स्वास्थ्य कारणों के कारण वह नहीं आ सके। इसके चलते गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मनमोहन सिंह का पंजाबी भाषा में एक वीडियो संदेश जारी किया गया।

इस वीडियो संदेश में डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर के भाई-बहनों के साथ देश और राज्य के हालात के बारे में चर्चा करूं लेकिन डॉक्टरों की सलाह की वजह से इसी तरह संबोधित कर रहा हूं।

मनमोहन सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार का राष्ट्रवाद नकली है। जो अग्रेजों के फूट डालो और राज करो की नीति पर चलता है। केंद्र सरकार को बाहरी व आंतरिक नीतियों पर घेरते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वह दस साल प्रधानमंत्री रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी भी इस पद की मर्यादा को कम नहीं होने दिया। पंजाब में चुनाव प्रचार करने के लिए आ रहे भाजपा नेताओं को पिछले सात वर्षों में हुए गलत कार्यों के लिए भी माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस सरकार को संविधान पर भरोसा नहीं है। संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है। कोरोना के दौर में केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण एक तरफ अर्थव्यवस्था गिरी है, महंगाई और बेरोजगारी से लोग परेशान हैं। दूसरी तरफ 7 साल सरकार चलाने के बाद भी केंद्र सरकार गलतियों को नहीं मान रही।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास पर दोष लगाकर अपने गुनाह कम नहीं हो सकते। मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर मैंने ज्यादा बोलने की जगह काम को तरजीह दी। हमने सियासी लाभ के लिए देश को नहीं बांटा। कभी सच पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की।

मनमोहन सिंह ने कहा कि चुनावी माहौल में पंजाब की जनता के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इनका मुकाबला ठीक तरीके से करना जरूरी है। कांग्रेस ही पंजाब में किसानों की खुशहाली और बेरोजगारी को दूर कर सकती है। पंजाब के वोटरों को इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले पंजाब की सुरक्षा के नाम पर पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी और यहां के लोगों को बदनाम करने की कोशिश की गई। जिसे किसी भी तरह से ठीक नहीं माना जा सकता। किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश की गई। अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए लोगों को जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांट रही है। उन्हें आपस में लड़ाया जा रहा है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button