
सत्य और अहिंसा के पुजारी थे राष्ट्रपिताः प्रो. झा
मधुबनी-02 अक्टुबर। जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153 वीं एवं देश के प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वः लालबहादुर शास्त्री के 119वीं जयंती समारोह सादगी से जिलाध्यक्ष प्रो.शीतलाम्बर झा के अध्यक्षता में मनाई गई। सर्वप्रथम उनके तैल चित्रों पर कांग्रेसजनों ने पुष्पांजलि अर्पित श्रदासुमन निवेदित किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रो. शीतलाम्बर झा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं स्वः लालबहादुर शास्त्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के सैकड़ों वर्षों के गुलामी के जंजीर को तोड़ने के लिए आजादी आंदोलन में लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और अंग्रेजी हुकूमत को हिलाकर रख दिया। आजादी के आंदोलन में उन्हें कई बार यातनाएं भी दी गई। उन्हें जेल में भी रहना पड़ा, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्याग्रह के सामने अंग्रेजों को नतमस्तक होना पड़ा। उन्होंने देशवासियों को आह्वान करते हुए 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन का शंखनाद कर अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया। तथा देश 1947 को आजाद हुआ। वहीं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारतरत्न लालबहादुर शास्त्री आजादी आंदोलन में बड़े ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तथा देश के प्रधानमंत्री बने, वे दृढ़निश्चयी और पक्का इरादा के धनी थे। उन्ही के कार्यकाल में पाकिस्तान को घर मे घुसकर पराजित किया। उन्होंने ही जय जवान जय किसान का नारा बुलंद किया और देश को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में जयोतिरमान झा बाबा, मो.अमानुल्लाह खान,मो.अकील अंजुम,प्रफुल्ल चन्द्र झा,अशोक प्रसाद,अविनाश झा, सत्येंद्र पासवान,मुकेश कुमार झा पप्पू,विदेश चोधरीआलोक कुमार झा,बिनय झा,राजीव शेखर झा,अंकित झा,राहुल मिश्र,अदित कुमार,ऋषिदेव सिंह,अनिल चन्द्र झा,रमेश पासवान आदि थे।



