
रिश्वत मामले में पकड़े गए पार्षद नरेंद्र मीणा को कांग्रेस ने 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया
अलवर-18 फरवरी। एसीबी द्वारा रिश्वत मामले में पकड़े गए कांग्रेस के पार्षद नरेंद्र मीणा को कांग्रेस ने 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस बाबत जिला अध्यक्ष योगेश मिश्रा ने पत्र जारी कर बताया कि वार्ड नंबर 30 के पार्षद नरेंद्र मीणा को एसीबी ने लोक सेवक के पद का दुरुपयोग करते हुए और रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत उन्हें कोर्ट के आदेश पर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जिससे कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल एवं खराब हुई है। इस कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से पार्षद नरेंद्र मीणा को छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
यह था मामला—
जयपुर एसीबी ने अलवर नगर परिषद के पार्षद नरेंद्र मीणा सहित दो ठेकेदार संजीव भार्गव और रमेश गुप्ता को एसीबी ने 5.15 लाख रुपए रिश्वत राशि सहित गुरुवार की सुबह गिरफ्तार किया था। शुक्रवार की सुबह एसीबी ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से आदेश पर आरोपियों को तीन दिन के रिमांड सौपा गया है। 21 फरवरी को आरोपियों को वापस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सभापति व बेटा भी हुआ था ट्रैप—
कुछ महीने पूर्व तत्कालीन नगर परिषद की सभापति बीना गुप्ता उनका पुत्र को उनके निवास से एसीबी ने रिश्वत की राशि सहित रंगे हाथ गिरफ्तार किया था इसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया और सभापति पद पर कांग्रेस के पार्षद मुकेश सारवान को सभापति मनोनीत किया गया था। अब फिर से पार्षद के ट्रैप होने से नगर परिषद फिर सुर्खियों में है।



