
“मेरा गाँव मेरा बैंक” : SBI का संध्या शिविर
पटना- 02 अक्टूबर। भारतीय स्टेट बैंक पटना मंडल ने गाँधी जयंती के शुभ अवसर पर कृषकों एवं गावों में बसे कारोबारियों एवं उद्यमियों के साथ अपने संबंध को और प्रगाढ़ करते हुए एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक श्री सुरेन्दर राणा ने बताया कि ‘मेरा गाँव मेरा बैंक’ कार्यक्रम के दूसरे चरण में बिहार और झारखंड के 200 गावों में दिनांक 01-10-2022 को संध्या शिविर का आयोजन किया तथा स्वच्छता अभियान चलाया। गांधी जी भारत के गाँवों का उत्थान चाहते थे। तथा स्वच्छता के परम हिमायती थे। सरकार द्वारा भी ग्रामोदय और स्वच्छ भारत अभियान को विशेष महत्त्व दिया जा रहा है। गांधी जयन्ती की पूर्व संध्या पर भारतीय स्टेट बैंक द्वारा गाँवों में संध्या शिविर का आयोजन कृषकों के हित में एवं स्वच्छता की ओर उठाया गया एक प्रभावी कदम माना जा रहा है| विदित है कि एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक श्री सुरेन्दर राणा के नेतृत्व में गत 8 जुलाई 2022 को ‘मेरा गांव मेरा बैंक’ नामक कृषक संपर्क कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम एवं ग्रामीणों में नव उत्साह देखा गया। आयोजित शिविर में बैंक के उच्चाधिकारियों ने किसानों से सीधा संपर्क किया तथा बैंक से ग्रामीणों को मिलने वाले आर्थिक लाभ से अवगत कराया। एसबीआई पटना मंडल के तीनों नेटवर्क के महाप्रबंधक, सभी अंचलों के अंचल प्रमुख (उप महाप्रबंधक), क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालयों से सभी क्षेत्रीय प्रबंधक एवं शाखा प्रबंधकों द्वारा उक्त शिविर में मुखिया,सरपंच, अंचलाधिकारी,राजस्व कर्मचारी,कृषि विकास अधिकारी आदि विशिष्ट व्यक्तियों से भी संपर्क किया गया| इस कार्यक्रम के अंतर्गत बैंक अधिकारियों ने कृषकों एवं कारोबारियों तथा उद्यमियों को कृषि ऋण,केसीसी,फसल ऋण के साथ-साथ ग्रामीणों के हितार्थ अन्य सभी प्रकार की वित्तीय योजनाओं जैसे PMEGP, स्टैंड अप इंडिया,मुद्रा, PMFME, AIF आदि की व्यापक जानकारी दी। सामुदायिक बैंकिंग,सुकन्या समृद्धि योजना, साइबर धोखाधड़ी इत्यादि विषयों पर भी शिविर में विस्तृत चर्चा की गई | साथ ही ग्रामीणों में और अधिक जागरुकता बढाने का प्रयास किया गया कि अपने बैंक खाते को सक्रिय रखकर, अपना CIBIL स्कोर ठीक रखकर किस तरह बैंक की योजनाओं का भरपूर लाभ उठाया जा सकता है।
शिविर में व्यवहारिक चर्चाओं से किसानों की जरूरतों एवं उनकी वास्तविक समस्याओं से भी बैंक अधिकारी दो-चार हुए| बैंक से जीएसएस ऋण लेकर अपने कारोबार में प्रगति करने वाले ऋणियों को कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया तथा अनेक ऋण आवेदक ग्राहकों को संस्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।
उल्लेखनीय है कि कृषि संबद्ध गतिविधियों एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देशय से बैंक द्वारा प्रत्येक माह दूसरे और चौथे बृहस्पतिवार को गांवों में इसप्रकार के शिविर लगाए जा रहे हैं।



