
मुकेश सहनी,भाजपा के कंधे पर राजनीति में मुकाम पाया: कृष्ण सिंह
गया- 31 जनवरी। भाजपा के वरीय नेता सह पूर्व विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह उर्फ कुमार बाबू ने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को अति महत्वाकांक्षी और लोभी होने का दावा करते हुए कहा है कि मुकेश सहनी मुंबई में रहा करते थे और मुंबई से बिहार आकर एक जाति विशेष का नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई – महाराष्ट्र में भी मत्स्य कारोबारी निवास करते हैं। लेकिन वहां वो मत्स्य कारोबारी के आजतक नेता नहीं बन पाये।बिहार के अलावे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और केरल जैसे राज्यों में भी मत्स्य कारोबारी है।
कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि उन राज्यों में इनके आगे कोई घास डालने को तैयार नहीं हैं । लाचार होकर ,भाजपा के सहारे हिंदी भाषी राज्यों में अपना चेहरा चमकाना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुकेश सहनी की पार्टी से 2020 में गठबंधन किया। मुकेश सहनी राजग उम्मीदवार के रूप में मन चाही सीट से चुनाव लड़े लेकिन परिणाम हार के रूप में सामने आया।
उन्होंने बताया कि भाजपा ने चुनाव के बाद मुकेश सहनी को विधान परिषद् में मनोनीत कर मंत्री की जिम्मेवारी दी। इसके पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने मुकेश सहनी की असलियत सबको को बता चुके थे। मुकेश सहनी जिस डाली पर बैठे हैं उसी डाली को काट रहे हैं। मुकेश सहनी को अपनी औकात का पता नहीं है। ऐसे नेता अपनी जात, समाज , प्रांत और देश के लिए कुछ नहीं कर पायेगा।
भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि जिसे मंत्री की संवैधानिक महत्ता तक का पता नहीं है और वो भाई को मंत्री बना राज्य में वसूली के लिये घुमाते रहते हैं।केवल अपने स्वार्थ में जाति का भी अहित करते रहते हैं। भाजपा ने मुकेश सहनी को जीरो से हीरो बनाने में सहयोग किया है।अब वो भस्मासुर की तरह भाजपा पर ही हाथ फेर रहे हैं।



