
बेगूसराय- 16 मई। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि जून के पहले सप्ताह तक विश्वविद्यालय क्षेत्र के सभी कॉलेज में सभी विभागों के रिक्त शिक्षकों के पद पर अतिथि शिक्षकों की बहाली कर दी जाएगी।
सोमवार को बेगूसराय के एसबीएसएस कॉलेज (को-ऑपरेटिव कॉलेज) के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि कालेजों में पहला काम शैक्षणिक कार्य है, जिसके लिए शिक्षकों को होना अति आवश्यक है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सभी संकाय में शिक्षकों को तैनात करने का कार्य युद्ध स्र पर चल रहा है। मई के अंतिम सप्ताह तक 605 अतिथि शिक्षकों को बहाल कर लिया जाएगा, इसके बाद तुरंत उन्हें कॉलेज में भेज दिया जाएगा।
समारोह को संबोधित करते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि पूर्व की एजेंसी से काम पूर्ण होने, पूरा भुगतान कर देने के बावजूद उससे डेटा नहीं लिया जा सका। इस चूक के कारण विश्वविद्यालय रिजल्ट जारी करने में पीछ़े रह गया, अब उस कमी को दूर कर लिया गया है तथा एक सप्ताह के अंदर सभी तरह का पेंडिंग रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। कुलसचिव ने कहा कि 2022-23 में जून की परीक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र सामान्य कर दिया जाएगा।
कामर्स कॉलेज पटना के प्रधानाचार्य डॉ. तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि एसबीएसएस कॉलेज सहित बेगूसराय जिला में तीन कालेज और तीन हायर सेकेंड्री स्कूल स्थापित करने वाले विश्वनाथ सिंह शर्मा का सपना था कि बेगूसराय के विकास के लिए सबसे जरूरी शिक्षा है, उसके बगैर जिलेवासियों का विकास संभव नहीं है। इससे पहले एनसीसी के बच्चों ने कुलपति को सलामी दी तथा कुलपति एवं कुलसचिव सहित सभी अतिथियों ने कॉलेज के संस्थापक स्व. विश्वनाथ सिंह शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर शिक्षा एवं खेल सहित अन्य विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मौके पर जीडी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राम अवधेश कुमार, श्रीकृष्ण महिला कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. विमल कुमार, एपीएसएम कॉलेज बरौनी के प्रधानाचार्य प्रो. मुकेश कुमार सहित अन्य मौजूद थे। प्रधानाचार्य डॉ. अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. नीलेश कुमार एवं जीडी कॉलेज के डॉ. कुंदन कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दामिनी सिंह ने किया।



