
मकर संक्रांति से उत्तर भारत में चरम पर होगी शीतलहर, शून्य डिग्री रहेगा पारा
कानपुर- 12 जनवरी। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं से कानपुर में सर्दी का सितम जारी है, हालांकि हवाओं की दिशाएं बदलने से गुरुवार को कुछ राहत मिली। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में क्रमश: पांच और चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई, लेकिन गलन बरकरार रही। मौसम विभाग का कहना है कि मकर संक्रांति से उत्तर भारत में शीतलहर चरम पर होगी और पारा शून्य से नीचे रहेगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने गुरुवार को बताया कि उत्तर भारत इस सप्ताह कड़ाके की ठंड की ओर बढ़ रहा है। पहले से ही कड़ाके की ठंड की चपेट में आए क्षेत्र के बड़े हिस्से में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। एक मौसम विशेषज्ञ ने अगले सप्ताह मैदानी इलाकों में तापमान -4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की भविष्यवाणी की है, कानपुर क्षेत्र में दोनों तापमान में कमी आ सकती है। शीत लहर का आगामी दौर 14-19 जनवरी के दौरान वास्तव में चरम पर है। उन्होंने कहा कि करियर में कभी भी मेरे पूर्वानुमान मॉडल में तापमान इतना कम नहीं देखा गया है। आगामी दिनों में मैदानी इलाकों में माइनस चार से दो डिग्री तापमान रहने की संभावना है। यह भी पहली बार देखा गया कि पिछले दिनों लगातार 10 दिनों तक कानपुर में धूप नहीं निकली।
बताया कि कानपुर में अधिकतम तापमान 18.6 और न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 95 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 65 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पूर्वी रही जिनकी औसत गति 4.0 किमी प्रति घंटा रही। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में साफ आसमान रहने के कारण वर्षा की कोई संभावना नहीं है।



