
बिहार में 96 फर्जी अमीन सेवा से बर्खास्त
पटना- 17 दिसंबर। बिहार में 96 अमीनों की डिग्री फर्जी पाये जाने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कार्रवाई करते हुए सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह सभी अमीन संविदा पर कार्यरत थे और अब बर्खास्तगी के बाद इन्हें अपना वेतन भी लौटाना होगा। दरअसल, इन सभी अमीनों की डिग्री फर्जी पाई गई थी विभाग के भू-अभिलेख और परिमाप निदेशालय ने इन 96 अमीनो की इंजीनियरिंग में डिग्री और डिप्लोमा के सर्टिफिकेट की जांच के लिए अलग-अलग विश्वविद्यालयों को भेजा था। जांच में सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया।
उक्त सभी अमीनों के सर्टिफिकेट फर्जी पाये जाने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इनपर एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लेते हुए सभी से हर महीने 30000 रुपये का मानदेय भी लिया है। राज्य सरकार इन सभी फर्जी अमीनों के अलावा अन्य अमीनों के सर्टिफिकेट की भी जांच करा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि जमीन सर्वे के काम से जुड़े इन अमीनों को पिछले साल जुलाई के महीने में संविदा पर चयन किया गया था। ये सभी अमीन पिछले डेढ़ साल से राज्य में चल रहे जमीन सर्वे में अपनी भूमिका निभा रहे थे।
भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने बताया कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन रिपोर्ट से यह पता चला कि इन्होंने गलत और फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नियोजन लिया है। ऐसे में नियोजन के टर्म ऑफ और एग्रीमेंट के गाइडलाइन के मुताबिक उन संविदा अमीनों का नियोजन तत्काल समाप्त कर दिया गया है। जिन विश्वविद्यालयों से अमीनों का सर्टिफिकेट जांच कराया गया उसमें सबसे अधिक 38 अमीनों की डिग्री को बुन्देलखंड यूनिवर्सिटी में झांसी ने फर्जी पाया है।



