
बिहार के विकास में काफी सहयोग कर रही है मोदी सरकार: नीतीश कुमार
बेगूसराय- 11 फरवरी। बिहार में गंगा नदी पर बेगूसराय और मुंगेर के बीच में बने श्रीकृष्ण सेतु के सड़क मार्ग का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया। इस पुल के सड़क मार्ग का शुभारंभ होते ही बिहार के विकास के समग्र विकास के लिए 20 साल पूर्ण प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा देखा गया सपना, एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर पूरा हुआ। मौके पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद एवं रेणू देवी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन एवं सम्राट चौधरी एवं विभागीय सचिव उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में आज अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा 20 साल पूर्व देखा गया सपना सच हो गया है। सबसे बड़ी बात है कि तीन जिलों के दिल को जोड़ने वाले इस पुल का नामकरण बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के नाम पर श्रीकृष्ण सेतु रखा गया है। जिस दिन पुल का शिलान्यास हुआ था उस दिन यहां के लोगों ने दिवाली मनाई थी और आज उद्घाटन हो रहा है तो निश्चित है कि आज भी दीपावली मनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से बिहार में काम करने का मौका मिला, तभी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विकास के सभी पैमाने पर तेजी से काम हो रहे हैं। केंद्र सरकार काफी सहयोग कर रही है तथा केंद्र की योजनाओं से भी बड़े पैमाने पर काम चल रहे हैं। इस गंगा पुल के निर्माण में काफी बाधा आई, सभी बाधाओं को दूर कर काम पूरा किया गया, कल्पना साकार हुआ तो काफी खुशी हो रही है। बिहार में पथ निर्माण पर सिर्फ राज्य सरकार ने 54 हजार करोड़ रूपया खर्च किया है। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को विकसित बनाने के लिए 2007 में हमने गन्ना से इथेनॉल बनाने का 23 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। लेकिन तत्कालीन केंद्र सरकार ने उसे मंजूर नहीं किया। अब नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार इस दिशा में काफी तेजी से काम कर रही है। 2021 में विशेष नीति बनाकर काम किया जा रहा है, इससे उद्योगों को काफी बढ़ावा मिलेगा। 29 इकाई का प्रस्ताव भेजा गया, जिसमें से केंद्र सरकार ने 17 इकाई को स्वीकृति दी है। बिहार में जब मक्का से एथेनॉल बनने लगेगा तो किसानों को भी काफी फायदा होगा। हम प्रयास कर रहे हैं कि 125 करोड़ लीटर उत्पादन का कोटा बिहार को दिया जाय। इससे देश के विकास में बिहार और अधिक तेजी से अपना योगदान देगा। हम भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर काफी तेजी से विकास के पैमाने पर काम कर रहे हैं। स्क्वायर किलोमीटर के आधार पर बिहार की आबादी देश में सबसे अधिक है तो केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना पड़ेगा। अटल जी के समय से हमारा एनडीए से पुराना संबंध है इसे हम कभी भूल नहीं सकते हैं। 696 करोड़ रुपए की लागत से बने 14.5 किमी लंबे गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क-पुल के पहुंच पथ परियोजना का लोकार्पण करते हुए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बिहार में सड़क और पुलों का जाल बिछ रहा है, बड़े पैमाने पर सड़कों को फोरलेन बनाया जा रहा है। बिहार में चार एक्सप्रेस-वे निर्माण की दिशा में कार्य चल रहा है। अब बिहार होते हुए अयोध्या जनकपुर से डायरेक्ट जुड़ जाएगा। अभी तीन लाख करोड़ खर्च कर सड़क और पुल बनाए जा रहे हैं, अगले दो साल में दो लाख करोड़ और खर्च करने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि बिहार प्रगतिशील प्रभुत्व संपन्न राज्य है। बिहार में बनने वाले इथेनॉल से जब गाड़ियां चलेगी तो ऊर्जा संरक्षण और रोजगार मिलेगा। बिहार पड़ोसी राज्य को भी आगे बढ़ाने में सक्षम है तथा अब उत्तर प्रदेश की तरह बिहार में भी सड़क परियोजनाएं तेज हो गई है, सड़क और पुल का जाल बिछा दिया जाएगा। नितिन गडकरी ने कहा कि बिहार में देश का सबसे आधुनिक पुल बन रहा है। बेगूसराय में शाम्हो और मटिहानी के बीच गंगा नदी पर सड़क पुल बनाने का डीपीआर तैयार हो चुका है, जल्द ही करीब पांच करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने भविष्य की परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा किया। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी को याद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास पुरुष हैं। इनके नेतृत्व में बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है, डबल इंजन की सरकार यहां जो विकास कर रही है उसकी चर्चा देश-विदेशों में हो रही है। राज्यसभा सदस्य प्रो. राकेश सिन्हा ने कहा कि बिहार बौद्धिकता, श्रम और रचनात्मकता में काफी आगे है। इसे पर्यटन से जोड़ने पर जीडीपी में नया अध्याय जुड़ेगा और आने वाले समय में बिहार विकास की नई गाथा लिखेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के रेलमंत्री काल में इस पुल का शिलान्यास हुआ था और अब मुख्यमंत्री के रूप में उद्घाटन हो रहा है। निर्माण में बाधाएं आई, लेकिन नीतीश कुमार के हवाई सर्वेक्षण करने के बाद केंद्र और बिहार सरकार के प्रयास से यह पुल बना और योग नगरी पूर्वोत्तर भारत से जुड़ गया है।



