
बिहार के मोतिहारी DM शीर्षत कपिल अशोक को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
नई दिल्ली- 29 मार्च। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बिहार के पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक को जल संरक्षण एवं प्रबंधन क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया।इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह सम्मान देश के अन्य जिलों में विकास की गति को तेज करेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा किये गये सर्वेक्षण मे पुर्वी चंपारण जिले मे किये गए उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पूरे इस्ट जोन मे प्रथम पुरस्कार मिला है। इस सम्मान प्राप्ति के बाद पूरे जिले मे हर्ष व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक के द्धारा जिले मे जलसंरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र मे कई स्तरो पर अभियान चलाया गया।मनरेगा के साथ अन्य ग्रामीण योजनाओ के तहत इस क्षेत्र मे कई उत्कृष्ट कार्य किये गये।इसके तहत जिले के लगभग 315 तालाबों को विकसित किये गये।
जल मंत्रालय के सर्वे के अनुसार कोरोना काल मे जिले मे लगभग एक लाख जॉबकार्डधारियों को नदी उड़ाही,आहर,नहर पइन,पोखर जीर्णोद्धार के कार्यों में रोजगार दिया गया।इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के द्धारा किये गये सर्वे के अनुसार इन कार्यो से जिले मे भू जल स्तर मे लगभग 2 से 3 फीट बढोतरी दर्ज की गयी।इन सभी सर्वेक्षणो के आधार पर पुर्वी चंपारण जिले को पूरे ईस्ट जोन मे नेशनल वाटर अवार्ड्स का प्रथम पुरस्कार मिला है। सर्वे रिपोर्ट मे जिक्र किया गया है कि मोतिहारी शहर के बीच अवस्थित मोतीझील के विकास की पहल एवं इसमे वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत के साथ रोइंग क्लब में कैनोइंग एवं कयाकिग सेंटर की स्थापना के साथ वाटर खेल से जुडे खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया गया साथ ही यहां वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं भी आयोजित किये गये।रिपोर्ट मे उल्लेख किया गया है कि जिला प्रशासन ने जलसंरचनाओ को न केवल अतिक्रमणमुक्त किया बल्कि उनके सौंदर्यीकरण की दिशा मे भी बेहतर पहल किया गया।
इसके तहत 535 जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। रिपोर्ट मे कहा गया है कि जिले के लगभग 1636 जगहो पर पोखर आहार नहर पईन के साथ तीन जगहो पर नदी जीर्णोद्धार के कार्य लिए गए। 290 सरकारी इमारतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम बनाये गये। ग्रामीण क्षेत्रों में चापाकल के किनारे सोख्ता का निर्माण के साथ 1632 फार्म पोंड एवं 3 चेक डैम भी बनाए गए। लगभग 29 लाख पौधारोपण भी कराया गया। जिसमे लघु जल संसाधन विभाग ग्रामीण विकास विभाग पंचायती राज विभाग पर्यावरण एवं वन विभाग कृषि विभाग ऊर्जा विभाग नगर विकास विभाग का बेहतर समन्वय एवं समेकित प्रयास बड़ी भूमिका है।



