
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पंगु, भ्रष्टाचार चरम पर : भाजपा
पटना-09 अगस्त। बिहार में नीतीश की अगुवाई वाली महागठबंधन सरकार के बुधवार को एक साल पूरा होने पर बिहार प्रदेश भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा कि बिहार के शैक्षणिक स्तर में लगातार हो रही गिरावट ने यहां के शिक्षा व्यवस्था को पंगु बना दिया है। शिक्षा मंत्री द्वारा शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जगह पौराणिक महत्त्व की चीजों पर अनर्गल बयानबाजी और शिक्षकों की बहाली में बिहार के लोगों के हितों को दरकिनार करने की कोशिश इस सरकार की मंशा को जगजाहिर करने के लिए काफी है।
विनोद तावड़े ने कहा कि विद्यालयों में अच्छे शिक्षकों की कमी ने शैक्षणिक वातावरण को और कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार में तेजी से वृद्धि हुई है। क्योंकि, सरकार के मुखिया ने सजायाफ्ता भ्रष्ट व्यक्ति से ही हाथ मिला लिया है लेकिन इसका परिणाम आम बिहारी जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित पुलों का ध्वस्त हो जाना व्यापक तौर पर फैले भ्रष्टाचार का एक उदाहरण भर है। बिहार में तो आज आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने से लेकर हर क्षेत्र में कुछ ना कुछ चढ़ावा देना पड़ रहा है, जो कि पिछले एक वर्षों में भ्रष्टाचार में हुई वृद्धि का ही परिणाम है।
विनोद तावड़े ने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदतर स्थिति का जिम्मेदार कौन है? जमुई में मरीज को यूरिनल बैग की जगह कोल्ड ड्रिंक की बोतल लगा देना, स्वास्थ्य क्षेत्र में घोर लापरवाही और स्तरहीनता का परिचायक है। अफसोस की बात है कि स्वास्थ्य मंत्री स्वयं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं।
विनोद तावड़े ने कहा कि एनडीए गठबंधन का साथ छोड़कर घमंडी गठबंधन के साथ हाथ मिलाने वाले नीतीश कुमार फंस से गए हैं। वे प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने लगे। इसके लिए बिहार को बीच मंझधार में छोड़कर वे देश का दौरा करने में मशगूल हो गए। उन्होंने कहा कि एक तरफ बिहार और यहां के लोग बाढ़ और सुखाड़ में त्रस्त रहे और दूसरी तरफ नीतीश पटना में सभी विपक्षी दलों को भोज देने में जुटे रहे। हालांकि, परिणाम निकला वही ढाक के तीन पात।



