क्राइम

परीक्षा में मुन्नाभाई को बिठाकर फंसा युवक,गिरफ्तार

नई दिल्ली- 12 जनवरी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने निगम का शिक्षक बनने के लिए अपनी जगह परीक्षा में मुन्नाभाई को बिठाने वाले शिक्षक को गिरफ्तार किया है। 2018 में आयोजित इस परीक्षा में चयनित होने के चलते वह 2019 से शिक्षक की नौकरी कर रहा था, लेकिन परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी फुटेज एवं फिंगर प्रिंट ने उसके फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया। आरोपित रवि डबास से परीक्षा देने वाले शख्स को लेकर पूछताछ की जा रही है।

अपराध शाखा के डीसीपी राजेश देव के अनुसार, दिल्ली सरकार के डिप्टी सेक्रेटरी एमके निखिल की तरफ से एक शिकायत क्राइम ब्रांच को दी गई थी। उन्होंने बताया कि वह डीएसएसएसबी में डिप्टी सेक्रेटरी हैं। डीएसएसएसबी ने असिस्टेंट प्राइमरी टीचर और एमसीडी स्कूल टीचर के लिए परीक्षाएं आयोजित करवाई थी। कड़ी सुरक्षा के बावजूद कुछ लोग अपनी जगह किसी दूसरे को परीक्षा में बिठाकर फर्जीवाड़ा करने में कामयाब रहे हैं। इसे लेकर दिसंबर 2019 में अपराध शाखा में एक मामला दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान संस्था के सभी डाटा को खंगाला गया। इससे उन्हें पता चला कि रवि डबास नामक युवक एमसीडी प्राइमरी टीचर के लिए चयनित हुआ है। अक्टूबर 2019 में उसने साउथ दिल्ली म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के प्राइमरी स्कूल में नौकरी शुरू की है। जांच के दौरान उस परीक्षा केंद्र के वीडियो रिकॉर्डिंग को खंगाला गया जहां उसकी परीक्षा हुई थी। 30 नवंबर 2018 के खानपुर स्थित परीक्षा केंद्र के वीडियो से पता चला कि परीक्षा केंद्र एवं परीक्षा हॉल में रवि आया ही नहीं था।

डीएसएसएसबी द्वारा यह प्रावधान किया गया था कि परीक्षा में आने वाले सभी परीक्षार्थी अंगूठे का निशान एडमिट कार्ड की दूसरी कॉपी पर लगाएंगे। यह कॉपी उनके पास जमा होनी थी। पुलिस टीम ने रवि डबास के अंगूठे के निशान और जमा कराए गए एडमिट कार्ड पर मौजूद अंगूठे के निशान को जांच के लिए फिंगरप्रिंट ब्यूरो में भेजा। वहां से पता चला कि परीक्षा देने वाले शख्स और रवि डबास के अंगूठे का निशान मैच नहीं कर रहा है। इस जानकारी पर पुलिस टीम ने कंझावला निवासी रवि डबास को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूरे फर्जीवाड़े को लेकर पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार किया गया आरोपित रवि डबास रोहतक की एमडी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है। वह विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं। उसने अपना एजुकेशन डिप्लोमा मध्य प्रदेश से किया था। उसके पिता डीडीए से सेवानिवृत्त है जबकि मां सेवानिवृत शिक्षिका है। पूछताछ के दौरान उसने बताया है कि उसने परीक्षा में अपनी बिना शेविंग की फोटो लगाई थी। वहीं परीक्षा में उसकी जगह बैठने वाले शख्स की शेविंग थी। इसके चलते परीक्षा हॉल में मौजूद जांच अधिकारी उसके फर्जीवाड़े को नहीं पकड़ सके।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button