
पंजाब में रामायण,महाभारत और श्रीमद्भगवद गीता पर अनुसंधान केंद्र होगा स्थापित,सीएम ने की घोषणा
फगवाड़ा-28 नवंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद गीता पर प्रदेश में विश्वस्तरीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री चन्नी ने रविवार को भगवान परशुराम की तपोस्थली में आयोजित जनसभा में कहा कि इन तीनों महाकाव्यों पर अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वस्तरीय विशेष अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा। युगों से ये तीनों महाकाव्य पूरी मानवता के लिए जीवन एवं प्रेरणा के स्रोत रहे हैं। यह अनुसंधान केंद्र इन महाकाव्यों के संदेश को जनता के बीच सरलतम रूप में प्रसारित करने के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भगवान परशुराम की तपोस्थली को धार्मिक पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करेगी। उन्होंने जि़ला प्रशासन को भगवान परशुराम के मंदिर के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। इसके अलावा भगवान परशुराम की माता रेणुका से संबंधित स्थल के विकास के लिए भी 75 लाख रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान परशुराम की पंजाबी यूनिवर्सिटी में चेयर के लिए दो करोड़ रुपये सालाना देने का ऐलान किया। इसके अलावा खाटी गांव के लिए 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री चन्नी ने अकाली दल पर हमला बोलते हुए कहा कि कौरवों का विनाश धृतराष्ट्र के पुत्र मोह के कारण हुआ था। इसी तरह अकाली दल के प्रमुख प्रकाशसिंह बादल के पुत्र मोह के कारण अकालियों की हालत दयनीय हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बारे में मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि वह पंजाब के बारे में कुछ नहीं जानते, बल्कि हर मसले पर निराधार बोलते हैं।



