
पटना। बिहार पंचायत चुनाव में उम्मीदवार कम खर्च में प्रचार के लिए डिजिटल मोड तकनीक को अपना रहे हैं। पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के लिए चुनावी मैदान में अपना भाग्य अपना रहे प्रत्याशी जुमला और वादा को विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से अपने चुनाव क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्य निर्भर भारत के तहत पंचायत चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशी फेसबुक,ईनिस्टा ग्राम एवं व्हाटसप के माध्यम से डिजिटल तकनीक से चुनाव प्रचार बैनर बनाकर पंचायत के लोगों के व्हाटसप पर प्रतिदिन भेज रहे हैं। जबकि प्रत्याशी फेसबुक पेज बना कर अपने पंचायत लोगों को फ्रेड रिक्वेस्ट भेज कर फेसबुक का मित्र बना कर अपने पक्ष में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यहीं हाल जिन क्षेत्रों में चुनाव हो रहा है या होने वाला है। उन क्षेत्रों में डिजिटल मोड तकनीक को उम्मीद के द्वारा अपनाया जा रहा है। बतादें कि भारत में सोशल मीडिया पूरी तरह पांव पसार चूकी है। लोग अब सोशल मीडिया के माध्यम से ही किसी तरह की कोई जानकारी इन्हीं माध्यमों से आदान प्रदान कर रहें हैं। हालांकि इसका उपयोग सही तरीके से करने पर कहीं परेशानी नहीं है। लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। बहरहाल पंचायत चुनाव में वार्ड सदस्य,वार्ड पंच,पंचायत समिति सदस्य,मुखिया,सरपंच जिला परिषद सदस्य पद के लिए राज्य के कई जिलों में चुनाव हो गया है और जीतने वाले उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। जबकि कई जिलों में चुनाव हो रही है। तथा चुनाव होना बांकि है। परंतू चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवार साउंड लाउडस्पीकर से बेहतर विकल्प के रूप में सोशल प्लेटफार्म को अपना लिया है। फेसबुक,व्हाटसप के माध्यम से चुनाव जीतने का दावा किया जा रहा है। जबकि निवर्तमान मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा पंचायत में विकास कार्यों की समीक्षा का श्रोत भी सोशल मीडिया बन गया है।
रिर्पोट- मो अली।



