
पंचायती राज मंत्री ने पेश किया एक साल का रिपोर्ट कार्ड
पटना- 12 फरवरी। नीतीश सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने आज भाजपा कार्यालय में उपलब्धियों को रखा। उन्होंने बताया कि पहली बार बिहार में इवीएम से पंचायत चुनाव कराये गए। चुनाव की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हुई। सौ से अधिक मुखिया एक वोट से चुनाव हारे। पंचायती राज विभाग ने कोरोना काल में हेल्थ सेक्टर में भी काम किया। एक करोड़ 27 लाख 56 हजार परिवारों में साबुन बांटे गए। 16 लाख से अधिक लोगों को मास्क बांटा गया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रैल महीने से सभी पंचायतों में हर दिन कम से कम तीन विभाग के कर्मी मौजूद रहेंगे। 18 विभाग से जुड़े लोग सप्ताह के 6 दिन पंचायत में पंचायत सरकार भवन में रहेंगे। पंचायतों से संबंधित मामलों का अब यहीं निपटारा होगा। लोगों को अब ब्लॉक में जाने की जरूरत नहीं होगी। पंचायतों में आरटीपीएस सेंटर 11 से 1 बजे तक हर हाल में खुलेंगे। 8067 कंप्यूटर ऑपरेटर की बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2024 के पहले बिहार में सभी पंचायत भवन बन कर तैयार हो जाएंगे।
पंचायती राज मंत्री ने बताया कि बिहार नल-जल योजना के लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। पेयजल के लिए वोटर लिस्ट के अनुसार सर्वे कराने का निर्देश दिया गया है । नल-जल योजना को वार्ड क्रियान्वन समिति के द्वारा की गई है। 30 हज़ार करोड़ रुपये का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट पंचायती राज विभाग को देना है। गांव में लोहिया स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। कचरा प्रबंधन की व्यवस्था होने वाली है।
सम्राट चौधऱी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को खुद सरकारी बैठकों में जाना होगा। उनके परिवार और अन्य प्रतिनिधि बैठक में नही जाएंगे। सरपंचों का काम न्यायिक है, उनका विकास कार्यो में योगदान नहीं है। पंच और सरपंच को विधान परिषद में वोटिंग का अधिकारी मिले इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व शुक्रवार को राज्य के उद्योग मंत्री शहनवाज हुसैन ने कार्यकाल के एक साल पूर्ण होने पर कामकाज का पूरा ब्यौरा पार्टी के समक्ष रखा था।



