बिहार

देशहित में एक और सही कदम, बाय-बाय पीएफआई: गिरिराज सिंह

बेगूसराय- 28 सितम्बर। देश में आतंकी साजिश रचने के विभिन्न मॉड्यूल का खुलासा होने के बाद गृह मंत्रालय द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को प्रतिबंधित किए जाने पर गिरिराज सिंह ने बुधवार की सुबह-सुबह जोरदार कमेंट किया है।

केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर राष्ट्रवादी गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि बाय-बाय पीएफआई, एक बार फिर देश हित में फैसला लिया गया है। इसके साथ ही गिरिराज सिंह ने जारी अधिसूचना की प्रति भी शेयर किया है। जिसमें कहा गया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 के तहत दिल्ली में पंजीकृत किया गया था।

रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई),आल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी),नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन (एनसीएचआरओ),नेशनल विमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन केरल सहित इसके कई सहयोगी संगठन या सम्बद्ध संस्थाएं या अग्रणी संगठन हैं।

जांच से पीएफआई और इसके सहयोगी संगठन,सम्बद्ध संस्थाओं, अग्रणी संगठनों के बीच स्पष्ट संबंध स्थापित हुआ है। रिहैब इंडिया फाउंडेशन,पीएफआई के सदस्यों के माध्यम से धन जुटाता है और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया,एम्पावर इंडिया फाउंडेशन,रिहैब फाउंडेशन केरल के कुछ सदस्य पीएफआई के भी सदस्य हैं तथा पीएफआई के नेता जूनियर फ्रंट,आल इंडिया इमाम काउंसिल,नेशनल कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन (एनसीएचआरओ) और नेशनल विमेंस फ्रंट की गतिविधियों की निगरानी/समन्वय करते हैं।

पीएफआई ने समाज के विभिन्न वर्गों युवाओं, छात्रों, महिलाओं,इमामों,वकीलों या समाज के कमजोर वर्गों के बीच अपनी पहुंच को बढ़ाने के उद्देश्य से उपरोक्त सहयोगी संगठनों सम्बद्ध संस्थाओं,अग्रणी संगठनों की स्थापना की है। जिसका एकमात्र उद्देश्य इसकी सदस्यता,प्रभाव और फंड जुटाने की क्षमता को बढ़ाना है। उपरोक्त सहयोगी संगठनों,सम्बद्ध संस्थाओं,अग्रणी संगठनों और पीएफआई के बीच ”हब और स्पोक” जैसा संबध है।

जिसमें पीएफआई ”हब” के रूप में कार्य करते हुए सहयोगी संगठनों, सम्बद्ध संस्थाओं, अग्रणी संगठनों की जनता के बीच पहुंच और फंड जुटाने की क्षमता का उपयोग विधि विरुद्ध क्रियाकलापों में अपनी क्षमता बढाने के लिए करता है। यह सहयोगी संगठन, सम्बद्ध संस्थाएं, अग्रणी संगठन ”जड़ और शिराओं” की तरह भी कार्य करते हैं जिनके माध्यम से पीएफआई को निधि एवं शक्ति प्राप्त होती है।

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