
दिल्ली हाई कोर्ट और निचली अदालतों में 11 फरवरी तक वीडियो कान्फ्रेंसिंग से होगी सुनवाई
नई दिल्ली- 12 जनवरी। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट और दिल्ली की निचली अदालतों में केवल वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सुनवाई के वर्तमान सिस्टम को 11 फरवरी तक बढ़ा दिया है। ये आदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
इसके पहले 30 दिसंबर, 2021 को हाई कोर्ट ने दिल्ली में ओमिक्राेन के बढ़ते मामलों पर गौर करते हुए हाई कोर्ट और निचली अदालतों में 3 जनवरी से 15 जनवरी तक केवल वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने सभी प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जजों को निर्देश दिया था कि वीडियो कान्फ्रेंसिंग का वेबलिंक कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित करें। हाई कोर्ट ने सभी प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जजों को ये भी निर्देश दिया था कि वो विचाराधीन कैदियों की रिमांड बढ़ाने के लिए जरूरी उपाय करें। विचाराधीन कैदियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही कोर्ट में पेश किया जाए।
कोर्ट ने उन सभी पक्षों और कोर्ट के स्टाफ को निर्देश दिया था कि वो कोर्ट में आने से पहले ये सुनिश्चित करें कि वे कोरोना की दोनों डोज ले चुके हों। कोर्ट ने सभी पक्षों को ये भी निर्देश दिया था कि वो केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से जारी कोरोना से जुड़े सभी प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उल्लेखनीय है कि कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद 22 नवंबर से दिल्ली हाई कोर्ट और निचली अदालतों में पूर्ण फिजिकल सुनवाई शुरू की गई थी। उसके पहले कोर्ट परिसरों में 75 फीसदी फिजिकल सुनवाई चल रही थी। साल 2020 में केंद्र सरकार ने जब मार्च में लॉकडाउन की घोषणा की थी तो हाई कोर्ट ने दिल्ली की सभी अदालतों में 23 मार्च, 2020 से सुनवाई निलंबित करने का आदेश दिया था। हालांकि इस दौरान हाई कोर्ट अति महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये करता रहा।



